अल्मोड़ा पहुंचे पुलिस महानिदेशक, बोले अब ईको फ्रेंडली बनेगी मित्र पुलिस

अल्मोड़ा:: डीजापी अभिनव कुमार ने विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के सभागार में स्थानीय सम्भ्रान्त नागरिकों, व्यापार मण्डल, जनप्रतिनिधियों आदि के साथ जनसंवाद किया।उन्होंने…

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अल्मोड़ा:: डीजापी अभिनव कुमार ने विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के सभागार में स्थानीय सम्भ्रान्त नागरिकों, व्यापार मण्डल, जनप्रतिनिधियों आदि के साथ जनसंवाद किया।
उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताई और बेस्ट पुलिसिंग के लिए जनसहयोग भी मांगा, उन्होंने आश्वाशन दिया कि मित्र पुलिस अब इको फ्रेंडली भी बनेगी।क्रार्यक्रम में एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर डीजीपी का स्वागत किया गया। उसके पश्चात् कार्यक्रम में उपस्थित सभी सम्भ्रान्त व्यक्तियों द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट किये गये।

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जनसंवाद में नगर के सम्भ्रान्त नागरिकों, व्यापार मण्डल, बार एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन, डे केयर सेन्टर अल्मोड़ा, रेड क्रास सोसाइटी अल्मोड़ा, होटल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपनी-अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए नगर अल्मोड़ा में यातायात व्यवस्था, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति, साईबर अपराधों, गस्त /पेट्रोलिंग के सम्बन्धी समस्याओं और सुझावों को प्रस्तुत किया, जिन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सम्भ्रान्त नागरिकों द्वारा ऐसे जनसंवाद कार्यक्रम थाना क्षेत्रों में किये जाने चाहिए हेतु सुझाव दिये गये जिससे जनता की समस्याओं का निराकरण हो सके।


डीजीपी ने नशा उन्मूलन हेतु प्रभावी कार्यवाही कर नशे में लिप्त युवाओं की काउंसिलिंग कराने, महिला सम्बन्धी अपराधों में त्वरित कार्यवाही करने तथा थाना क्षेत्र में समय-समय पर जनसंवाद का कार्यक्रम का आयोजन किये जाने का आश्वासन दिया।

नशे में फंसे युवाओं की काउन्सिलिंग कर मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही कहा कि उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाना हमारा ध्येय है, यदि कोई पुलिसकर्मी नशे के कारोबार में लिप्त पाया गया, या नशा कारोबारी को सहयोग करता पाया गया तो उसके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।


उन्होंने प्रत्येक थानों में एक अलग से सभी सुविधाओं युक्त महिला डैस्क बनाने की बात कही और कहा कि उइसमें महिला कार्मिकों की नियुक्त की जायेगी। जिससे पीड़ित महिलायें अपनी समस्या को बेझिझक बता सकेगें।


इस दौरान मीडिया से बात‌ करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिये, पुलिस को साक्ष्य देखकर ही कार्यवाही करनी चाहिये। उत्तराखण्ड मित्र पुलिस सभ्य नागरिकों के लिये है अपराधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जायेगा। कहा कि मित्र पुलिस के बाद अब ईको फ्रेन्डली बनेगी।