सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में विकास प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन की सुगबुगाहट

पिथौरागढ़। विकास प्राधिकरण के खिलाफ सीमान्त जिले के लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसके नियमों को मनमाना और जनहित के खिलाफ बताते हुए…

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पिथौरागढ़। विकास प्राधिकरण के खिलाफ सीमान्त जिले के लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसके नियमों को मनमाना और जनहित के खिलाफ बताते हुए इन दिनों जगह-जगह जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को जीजीआई पिथौरागढ़ क्षेत्र में एक जनसभा आयोजित की गई, जिसमें संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक और व्यापार संघ के अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि पूरे राज्य में प्राधिकरण के विरोध में जनाक्रोश पनप रहा है। पिथौरागढ़ जनपद में भी लोग इसके खिलाफ संगठित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से सरकार ने जनता की जायज मांग स्वीकर नहीं की तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि भवन निर्माण संबंधी डीडीए के प्रावधान जनविरोधी हैं। कहा कि प्राधिकरण को लागू करने से पहले कायदे से मास्टर प्लान लागू करना चाहिए, लेकिन तमाम कायदे-कानून ताक पर रखकर पूरे राज्य में विकास प्राधिकरण थोप दिया गया है। प्राधिकरण के कारण सभी तरह के निर्माण कार्य आम जनता के लिए मुसीबत लेकर आएंगे, जो स्थानीय लोगों के पलायन का कारण बन सकता है। वक्ताओं ने सभी से एकजुट होकर इसका विरोध करने की अपील की।
सभा में संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष व जिला अधिवक्ता संस्था के पूर्व अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, वरिष्ठ कर्मचारी नेता प्रेम सिंह बिष्ट, दयानंद भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश पुनेड़ा, जनमंच पिथौरागढ़ के अध्यक्ष भगवान रावत आदि ने प्राधिकारण के विभिन्न प्रावधानों के बारे में लोगों को जानकारी दी। सभा का संचालन जगदीश सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कलौनी ने किया। इस मौके पर बासू पांडे, हेमा थलाल, इंद्रजीत सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह, दिनेश सेठ्ठी, गोल्डी पांडे सहित अनेक लोग मौजूद थे।