“बाबा का सिर कलम कर लाओ और 11 लाख का इनाम पाओ,” जाने किसने और क्यों किया यह बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी पटेल के निर्देश पर राज्य सरकार ने हाथरस भक्तों की जांच के लिए तीन सदस्य न्याय जांच आयोग का गठन…

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी पटेल के निर्देश पर राज्य सरकार ने हाथरस भक्तों की जांच के लिए तीन सदस्य न्याय जांच आयोग का गठन किया है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात को एक बयान में तीन सदस्य न्यायिक जांच आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बृजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे।

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उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुए हादसे के बाद भोले बाबा उर्फ सूरजपाल फरार चल रहा है। हालांकि उसने अपने वकील के घटना के प्रति दुख भी जाहिर किया है और अपना बयान भी जारी किया है। लेकिन वो पुलिस के सामने अभी तक नहीं आया है। इस बीच भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव ने बाबा सूरज पाल का सिर कलम करने पर 11 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया है।


केशव देव का कहना है कि पाखंड की दुकान चलाने वाले बाबा ने ग़रीब लोगों को बरगला कर उनके साथ छल किया है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदी पटेल के निर्देश पर हाथरस भगदड़ की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग को गठित किया गया है। बताया जा रहा है कि इसकी अध्यक्षता बृजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे। उनका कहना है कि आयोग के दो अन्य सदस्यों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हेमंत राव और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)के पूर्व अधिकारी भावेश कुमार सिंह शामिल हैं।


प्रवक्ता का कहना है कि हाथरस भगदड़ के दोषियों का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है। इस आयोग को दो महीने में जांच पूरी करनी का आदेश दिया गया है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने राज्यपाल की सहमति से न्यायिक आयोग का गठन किया और रिपोर्ट देने को कहा है। इसमें कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा जिला प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति और उनकी शर्तों के अनुपालन की जांच करना भी शामिल है। आयोग यह भी जांच करेगा कि यह दुर्घटना कोई षड्यंत्र है या सुनियोजित अपराधिक घटना है।


प्रवचनकर्ता भोले बाबा के वकील ने बुधवार को यह दावा किया कि अनुयाई कभी भी उनके पैर नहीं छूते हैं। उन्होंने हाथरस में मंगलवार को आयोजित सत्संग में मची भक्त और 121 लोगों के मारे जाने के पीछे कुछ और सामाजिक तत्वों का हाथ होने के बारे में संदेह जताया है।
भोले बाबा के वकील एपी सिंह का कहना है कि मंगलवार की भगदड़ की जांच कर रहे राज्य प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए वह तैयार हैं
उन्होंने पूरे मामले की जांच भी मांगी है। बाबा नारायण हरि को साकार विश्व हरि भोले बाबा के नाम से भी जाना जाता है।