अल्मोड़ा:: वन पर्यावरण और जलवायु मंत्रालय की संयुक्त सचिव नमिता प्रसाद ने किया पर्यावरण संस्थान का निरीक्षण

Almora: Namita Prasad, Joint Secretary, Ministry of Forest Environment and Climate inspected the Environment Institute अल्मोड़ा, 23 जून 2024- “गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान के…

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Almora: Namita Prasad, Joint Secretary, Ministry of Forest Environment and Climate inspected the Environment Institute

अल्मोड़ा, 23 जून 2024- “गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान के माध्यम से एनएमएचएस ने भारतीय हिमालयी राज्यों को सशक्त अनुसंधान अभिव्यक्ति दी है।

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यह बात वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संयुक्त सचिव नमिता प्रसाद ने यहां निरीक्षण के दौरान कही।


यहां गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी स्थित राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के नोडल कार्यायल का पर्यावरण मंत्रालय की संयुक्त सचिव नमिता प्रसाद ने गहन निरीक्षण किया।


संस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के साथ सचिव महोदय ने राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन को हिमालयी राज्यों के लिए एक बहुउद्देश्य अनुसंधान का मंच बताया। उन्होंने विभिन्न कार्यरत वैज्ञानिकों व स्टाफ से विभिन्न मुददों पर चर्चा की और वर्तमान नोडल अधिकारी इं. किरीट कुमार के निकट सेवानिवृृत्ति के बाद की रणनीतियों पर भी गंभीर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि 2016 से अब तक इस मिशन के माध्यम से हम हिमालयी राज्यों की विभिन्न अनुसंधान चुनौतियों को संबोधित कर पाए हैं अब दूसरे दौर में इस अनुसंधान को व्यापकता के साथ समाज तक पहुँचाने के लक्ष्य पर कार्य करना है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डाॅ सुनील नौटियाल ने भी उन्हे आगामी कार्यक्रमों के विषय में भी बताया जिसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भुपेंद्र सिंह को अल्मोड़ा आमंत्रण भी सम्मिलित था। मौके पर संयुक्त सचिव ने संस्थान के नव निर्मित 3डी भवन व वहां के उपकरणों का भी निरीक्षण किया और उसके लंबित कार्याें को यथा शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।


उन्होंने बताया कि देश में संचालित विभिन्न अनुसंधान योजनाओं के बीच एनएमएचएस ने अल्प समय में उल्लेखनीय कार्य किए हैं और इसके पीछे नोडल अधिकारी इं0 किरीट कुमार के प्रयास उल्लेखनीय है। उन्होंने एनएमएचएस की ओर से शुरू हो रहे नए प्रोजेक्ट और डेटाबेस पर चल रहे कार्यों पर विशेष रूचि ली और इसे हिमालयी सरोकारों के समाधान हेतु सहायक एक सशक्त डेटाबेस के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आज के युग में डेटा एक शक्तिशाली माध्यम है जो हिमालयी राज्यों हेतु सटीक रणनीतियों को बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने मंत्रालय की सचिव से एनएमएचएस के आगे की रणनीतियों पर चर्चा कर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।


इस अवसर पर उन्होंने एनएमएसएस परिसर में तैयार हो रही राशि वाटिका में पौध रोपण भी किया तथा विभिन्न कार्मिकों से उनकी कार्यप्रगति और समस्याओं पर चर्चा की। मौके पर पुनीत सिराड़ी, डाॅ प्रतिभा जोशी, पुष्कर सिंह, गगन पंत, जगदीश पाण्डे, अरविंद कुमार, जगदीश जोशी, राहुल खोलिया, राजेंद्र सिंह, सहित अनेक लोगों ने संयुक्त सचिव से मुलाकात की।