इस बड़े प्राइवेट बैंक पर आरबीआई ने लगाया एक करोड़ का जुर्माना, जानिए अब ग्राहकों का क्या होगा

केंद्रीय रिजर्व बैंक में बड़े प्राइवेट बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक पर एक करोड रुपए का जुर्माना लगाया है। सेंट्रल बैंक ने शुक्रवार को एक प्रेस…

केंद्रीय रिजर्व बैंक में बड़े प्राइवेट बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक पर एक करोड रुपए का जुर्माना लगाया है। सेंट्रल बैंक ने शुक्रवार को एक प्रेस रिलीज किया जिसमें इसकी जानकारी दी। आरबीआई का कहना है कि बैंक पर नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है।

क्या है मामला?

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आरबीआई का कहना है कि 27 मार्च को जारी किया गया देश में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक पर एक करोड़ का जमाना लगाया गया है। यह जुर्माना आरबीआई के  ‘Loans and Advances – Statutory and Other Restrictions’ के नियमों पर जारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है।

RBI ने 31 मार्च, 2022 तक बैंक की वित्तीय स्थिति पर मूल्यांकन किया था। इसके बाद देखा गया कि बैंक ने आरबीआई के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया है। ऐसे में बैंक में नोटिस जारी की जिसमें उसे कारण बताने के लिए कहा गया उक्त निर्देशों का पालन करने में विफलता के लिए उसे पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए। नोटिस पर बैंक में जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दिए गए जवाब पर विचार करने के बाद आरबीआई ने अन्य बातों के साथ-साथ बैंक के खिलाफ जुर्माना लगाना जरूरी था।

बैंक ने क्या गलती की?

आरबीआई का कहना है कि बैंक ने बुनियादी परियोजनाओं के फंडिंग के लिए RBI के मुताबिक  सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को टर्म लोन को मंजूरी दी थी (i) परियोजनाओं की व्यवहार्यता और बैंक योग्यता पर उचित परिश्रम किए बिना यह सुनिश्चित करने के लिए कि परियोजनाओं से राजस्व धाराएं ऋण सेवा दायित्वों की देखभाल के लिए पर्याप्त थीं और (ii) उक्त टर्म लोन की चुकौती/सेवा बजटीय संसाधनों से की गई थी।

ग्राहकों पर क्या असर होगा?

आरबीआई ने कहा कि यह कार्यवाही नियमों के अनुपालन में कर्मियों को लेकर की गई और इसका उद्देश्य बैंक की ओर से अपने ग्राहकों के साथ किए गए। किसी भी लेनदेन समझौते की वैधता को प्रभावित नहीं करता है। इसके अलावा, जुर्माना लगाने से आरबीआई की ओर से बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई उल्टा प्रभाव नहीं पड़ेगा।