अल्मोड़ा: धर्मनिरपेक्ष युवा मंच का 48 घंटे का उपवास खत्म कई लोगों ने धरना स्थल पर आकर दिया समर्थन

अल्मोड़ा, 04 दिसंबर 2021 – धर्म निरपेक्ष युवा मंच की ओर से चौघानपाटा में गांधीवादी तरीके से 48 घंटे का उपवास समाप्त हो गया है।…

अल्मोड़ा, 04 दिसंबर 2021 – धर्म निरपेक्ष युवा मंच की ओर से चौघानपाटा में गांधीवादी तरीके से 48 घंटे का उपवास समाप्त हो गया है। समापन के वक्त कई लोगों ने धरना स्थल पर आकर अपना समर्थन दिया। और दर्ज मुकदमे का विरोध किया।
इस मौके पर राजनीतिक, सामाजिक, युवा,सेवानिवृत्त,व्यापार मंडल, भूतपूर्व सैनिक इत्यादि संगठनों ने समर्थन देते हुए कहा सरकार और प्रशासन की द्वेषपूर्ण कार्यवाही लोकतंत्र व आमजनमानस के लिये खतरा करार दिया।

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अल्मोड़ा को हैरिटेज सिटी बनाओ मुहिम के तहत हुई पदयात्रा के समापन पर सरकार द्वारा धर्मनिरपेक्ष युवा मंच संयोजक विनय किरौला पर लगाये गये मुकदमे के खिलाफ 2 दिसंबर से 48 घंटे तक चल रहा उपवास शनिवार को समाप्त हुआ। इस अवसर पर विनय किरौला ने कहा कि 48 घंटे चला उपवास सिर्फ उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है ये लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। आमजनमानस की आवाज उठाने पर बजाय लोगों की समस्या सुलझाने के आवाज उठाने वाले पर फर्जी और आधारहीन मुकदमे लगाये जा रहे हैंं।
क्या सरकार की शह पर ये मुकदमा लगाया गया है??
क्या प्रशासन इतना तानाशाह बन गया है कि अपनी परेशानी के लिये ज्ञापन देने वालों पर ही मुकदमा लगा दिया जा रहा है।

अन्य वक्ताओं में डा. रमेश पांडेय राजन,आदित्य पांडे, डा.जे.सी.दुर्गापाल,पूर्व छात्रसंघ महासचिव आशीष पंत,पूर्व कमाडेंट एम एस नेगी, वरिष्ठ अधिवक्ता केवल सती,उत्तराखंड आंदोलनकारी दयाकृष्ण कांडपाल,सुन्दर लटवाल,इत्यादि ने अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एकसुर में कहा कि आमजनमानस की आवाज उठाने पर सरकार द्वारा मुकदमा दर्ज करने की परिपाटी लोकतंत्रात्मक व्यवस्था के लिये अच्छे संकेत नहीं है। इस तरीके की कार्यवाही से आमजनमानस की आवाज हमेशा दब कर रह जायेगी।सरकार द्वारा मंच पर ऐसी दमनात्मक कार्यवाही का हम सभी विरोध करते हैं तथा मंच के साथ इस लोकतंत्रात्मक लड़ाई में आमजनमानस की आवाज उठाने की मुहिम में हम सभी साथ है और हमेशा रहेंगे।

इस मौके पर धर्मनिरपेक्ष युवा मंच संयोजक विनय किरौला, डा.जे.सी.दुर्गापाल,आशीष पंत,डा.राजन पांडेय, पूर्व कमांडेंट एम.एस.नेगी,दयाकृष्ण कांडपाल,उपप्रधान मोहन मेहरा,सुन्दर लटवाल,मयंक पंत,पंकज रौतेला, हरीश बिष्ट, पवन मुस्यूनी,निरंजन पांडेय, गिरीश तिवारी, राजेंद्र लटवाल, बिशन लटवाल, सुन्दर बिष्ट, किशन सिंह बिष्ट,अशोक भंडारी,कुंदन नेगी,प्रमोद रावत,कमला किरौला,किरन नेगी,सतीश कुमार,विनोद मुस्यूनी,अजय रावत,मुन्ना लटवाल,जगदीश राम,विनोद जोशी,ईशु उपाध्याय,दीवान सिंह,आशीष कुमार, बिष्ट ,रामलाल,मोहन राम,किशन राम,गोविंद सिंह,पान सिंह,
इत्यादि लोग मौजूद थे।