Uttarakhand- कुमाऊं के जिलों में नदियों के पुनर्जनन अभियान की हुई समीक्षा

अल्मोड़ा। कुमाऊं में नदियों के घटते जल स्तर को दृष्टिगत रखते हुए तथा लुप्त हो चुकी नदियों के पुनर्जनन अभियान संबंधी कुमाऊं मंडल के जिलाधिकारियों…

अल्मोड़ा। कुमाऊं में नदियों के घटते जल स्तर को दृष्टिगत रखते हुए तथा लुप्त हो चुकी नदियों के पुनर्जनन अभियान संबंधी कुमाऊं मंडल के जिलाधिकारियों के साथ आयुक्त कुमाऊं मंडल सुशील कुमार ने वर्चुअल माध्यम से विकास भवन के एनआईसी सेंटर में बैठक ली।

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आयुक्त ने बताया कि कुमाऊं मंडल में 22 नदियां हैं इनमें कुछ नदियां लुप्त हो चुकी हैं जो प्रभावमान हैं उनके जलस्तर में भी काफी कमी आ रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नदियों के घटते जलस्तर को देखते हुए 10 से 15 वर्ष पश्चात जल संकट पैदा हो सकता है नदियों के पुनर्जन्म अभियान के क्रियान्वयन में इस संकट को और आगे बढ़ाया जा सकता है इसके लिए सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य नदियों को पुनर्जीवित करना है। इसके लिए प्रत्येक जनपद में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया गया है जो नदियों के संरक्षण में आ रही समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगी।

उन्होंने जनपद में ऐसी नदियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जो प्रायः लुप्त हो गई हैं। उन्होंने ऐसी नदियों को पुनर्जनन समिति के सहयोग से संसाधन उपलब्ध कराने को कहा जिससे ऐसी नदियों को पुनर्जीवित कर जल संसाधन उपलब्ध कराया जा सके।

आयुक्त ने कहा कि चाल-खाल बनाकर भूमिगत जल की रक्षा की जा सकती है जिसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि चाल-खाल बनाने से भूमिगत जल स्तर को बढ़ाया जा सकता है जिससे जंगल के क्षेत्रफल में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का विकास करने के लिए वृक्षारोपण अति महत्वपूर्ण है जो गांव वालों के सहयोग से ही संभव है। आयुक्त ने कहा कि जंगलों के दोहन के ही जल स्रोत सूख रहे हैं ऐसे में वृक्षारोपण कर जंगलों के क्षेत्रफल को बढ़ाकर जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को नदियों के पुनर्जन्म अभियान को तन्मयता से सफल संचालन के निर्देश दिए।

इस दौरान अल्मोडा की जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने कोसी पुनर्जनन के संबंध में किये जा रहे कार्यों के बारे में बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि कोसी पुर्नजनन के तहत जो भी कार्य किये जा रहे है उन सभी कार्यों की जीआईएस मैपिंग की जा रही है। वीसी में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।