वैक्सीनेशन के बाद शरीर में ऐसे बदलावों को लेकर रहें सचेत

अब 18 साल के ऊपर के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर हाल ही में हुए एक…

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अब 18 साल के ऊपर के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर हाल ही में हुए एक अध्ययन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (जिसे भारत में कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है) रक्त का थक्का बनने का कारण बन सकती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील भी की है कि सिर्फ इसी आधार पर टीकाकरण अभियान को रोका नहीं जाना चाहिए।
इस अध्ययन ने लोगों के मन में तमाम तरह से डर का माहौल बना दिया है। चूंकि देश के ज्यादातर हिस्सों में कोविशील्ड वैक्सीन की ही उपलब्धता है, ऐसे में यह डर भी लाजमी है। इस लेख में हम जानेंगे कि वैक्सीनेशन के बाद शरीर में दिखने वाले किन परिवर्तनों के आधार पर ब्लड क्लाटिंग की पहचान की जा सकता है?

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ब्लड क्लाटिंग के लक्षणों को जानने से पहले आइए जानते है कि वैक्सीनेशन और ब्लड क्लाटिंग के बीच वैज्ञानिकों को क्या संबंध देखने को मिला है? ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में हुए अध्ययन में पाया गया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के कारण लोगों के रक्त में प्लेटलेट्स की कमी और थक्का बनने की समस्या हो सकती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिले हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह स्थिति प्रति 10 लाख खुराक में करीब 11 मामलों में हो सकती है। इसके अलावा  65 से 70 साल की आयु वाले लोगों (जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी, मधुमेह या किडनी की बीमारी हो) में इसका खतरा अधिक देखने को मिला है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त का थक्का बनने के कारण हृदय संबंधी समस्याओं के लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसमें सामान्य तौर पर लोगों को चक्कर आने और सांस की तकलीफ का अनुभव हो सकता है। ब्लड क्लाटिंग की समस्या यदि हृदय में हो रही है तो इसके कारण छाती में दर्द और भारीपन का अनुभव भी हो सकता है। हृदय में थक्कों की संख्या ज्यादा हो जाने पर दिल का दौरा पड़ने का भी डर रहता है।

रक्त के थक्के के कारण यदि नसें बंद हो रही हैं तो ऐसी स्थिति में त्वचा के रंग में परिवर्तन हो सकता है। सामान्य तौर पर त्वचा का रंग नीला या लाल हो जाने को ब्लड क्लाटिंग के संभावित लक्षण के रूप में देखा जा सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों को  पैर या हाथ में होने वाली ब्लड क्लाटिंग की समस्या के कारण अंगों में अचानक दर्द, सूजन और रंग में बदलाव महसूस हो सकता है।

रक्त का थक्का बनने की समस्या यदि पेट में हो रही है तो इसके कारण पेट में दर्द या सूजन महसूस हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि अगर पेट में खून का थक्का विकसित हो रहा है तो इसके कारण गंभीर रूप से मितली या उल्टी का अनुभव भी हो सकता है। हालांकि याद रखें कि नैदानिक परीक्षण के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकती है।