Uttarakhand::: जन्मदिन पर याद किए गए कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल

पिथौरागढ़ सहयोगी। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर गुरुवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तुलसीदास कक्ष में…

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पिथौरागढ़ सहयोगी। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर गुरुवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तुलसीदास कक्ष में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उनकी कविताओं का पाठ कर उन्हें याद किया गया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी ने कहा कि जीवन, मृत्यु और अमरता पर लिखी गई इनकी गूढ़ चिंतनपरक कविताएं ह्दय को गहराई तक उद्धेलित करती हैं।

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हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ. नीलाक्षी जोशी ने कहा कि पहाड़ की प्रकृति का रमणीक और यथार्थ रूप चंद्रकुंवर की कविताओं में चित्रित हुआ है। डॉ. मनीषा पांडेय ने कहा कि सुमित्रानंदन पंत की तरह चंद्रकुंवर की कविताएं भी हिमालय और पर्वतीय प्राकृतिक सौंदर्य के विविध रूपों को दर्शाती हैं। 

इस दौरान छात्रा धर्मा राणा ने चंद्रकुंवर की ‘मेघ पुंज में खेल रही है, एक ज्योति की काल नागिनी’ कविता का पाठ किया। प्रियंका धामी ने कवि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में डॉ. प्रेमलता पंत, डॉ. गीता पांडे, डॉ. सोनी टम्टा, नवीन ओझा व अशोक आदि मौजूद थे।