गजब – यहां ठगों ने बेरोजगारों को पकड़ा दिये वन-विभाग के ज्वाइनिंग लैटर

  सलीम मलिक  देहरादून। उप्र के कुछ बेरोजगारों को ठगों ने उत्तराखंड के वन-विभाग में नौकरी का झांसा देते हुए उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लैटर पकड़ा…

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सलीम मलिक 
देहरादून। उप्र के कुछ बेरोजगारों को ठगों ने उत्तराखंड के वन-विभाग में नौकरी का झांसा देते हुए उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लैटर पकड़ा दिये। ज्वाइनिंग लैटर लेकर देहरादून पहुंचे युवाओं के उस समय होश उड़ गये जब उन्हें पता चला कि जिस अधिकारी की ओर से जुलाई में यह ज्वाइनिंग लैटर जारी किया गया है, वह पिछले साल ही रिटायर हो चुके हैं। फर्जी ज्वाइनिंग लैटर देखकर वन-विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ था। जानकारी के अनुसार वन विभाग में आरक्षी भर्ती के लिए यूपी के कुछ युवा देहरादून में पूर्व पीसीसीएफ जयराज की मुहर लगा ज्वाइनिंग लेटर ले कर पहुँचे। विभाग में जब युवाओं ने अपना ज्वाइनिंग लेटर दिखाया तो अफसरों का जवाब सुन उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि विभाग की तरफ से ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं किया गया था। पहले बरेली के यह युवा देहरादून वन निगम मुख्यालय पहुंचे और वन विभाग में आरक्षी पद पर चयनित होने की बात की। उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी नियुक्ति पत्र भी दिखाए। कर्मचारियों ने इन युवाओं को वन विभाग के राजपुर रोड स्थित मुख्यालय जाने को कहा। युवा जब वन मुख्यालय पहुंचे तो वहां भी इन्होंने नियुक्ति पत्र दिखाए। एक जुलाई को जारी नियुक्ति पत्र में पूर्व पीसीसीएफ जयराज की मुहर लगी थी। जबकि, जयराज पिछले साल अक्तूबर में रिटायर हो चुके हैं। जब युवाओं को नियुक्ति पत्र फर्जी होने की खबर लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं विभाग ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मामले में प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने कहा कि हमने जो भर्तियां निकाली थीं, उसके तहत अभी किसी का चयन नहीं हुआ है। मुख्यालय पहुंचे युवाओं के साथ धोखाधड़ी हुई है। इस मामले की जांच करवाई जा रही है। विभाग द्वारा इस प्रकार के पत्र जारी नहीं किए जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि शार्टकट के चक्कर में वह इस तरह के झांसे में ना आएं। वरना उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।

 

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