92 साल के AIIMS सर्जन को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगे 2.2 करोड़

सोचिए, एक 92 साल के बुजुर्ग, जो जिंदगीभर लोगों की जान बचाते रहे, खुद एक दिन ठगी का शिकार बन जाएं। वो भी इस हद…

सोचिए, एक 92 साल के बुजुर्ग, जो जिंदगीभर लोगों की जान बचाते रहे, खुद एक दिन ठगी का शिकार बन जाएं। वो भी इस हद तक कि महाराष्ट्र पुलिस का नाम लेकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाए और उनकी मेहनत की कमाई के 2.2 करोड़ रुपये ठग लिए जाएं।


लेकिन इस कहानी का अंत थोड़ी राहत लेकर आता है। 2 महीने की पुलिस जांच के बाद उन्हें अपने पूरे पैसे वापस मिल गए।

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कैसे हुआ बुजुर्ग का ‘डिजिटल अपहरण’?
ये मामला दिल्ली का है। 92 साल के रिटायर्ड AIIMS सर्जन को एक दिन अजनबी नंबरों से फोन कॉल्स आने लगे। कॉलर ने खुद को TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर कोई FIR दर्ज हुई है और इसके नाम पर डरा धमका कर उनसे 2.2 करोड़ रुपये ठग लिए गए। इसके बाद शुरू फिर डराने-धमकाने का दौर…


अगर FIR रद्द करानी है, तो पैसे दो। नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई।
इस दौरान बुजुर्ग के पास वीडियो कॉल आई। सामने वाले ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का ACP बताते हुए उनको एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाया और कहा कि अगर पैसे नहीं भेजे तो उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। उनसे ये भी कहा गया था कि वो फोन से दूर न रहे और किसी को कुछ भी न बताएं।
इस धमकी से डरे-सहमे बुजुर्ग ने आरोपी के बताए खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।


जब हुआ ठगी का शक तो दी पुलिस में शिकायत …
कुछ समय बाद जब उन्हें लगा कि उनके साथ ठगी हो गयी है, तो उन्होंने 15 मार्च को
हिम्मत जुटाकर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की और साइबर यूनिट को इसकी जांच सौंप दी गई।


स्पेशल सेल की मेहनत रंग लाई, आरोपी हुआ गिरफ्तार
इस केस की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट ने गाजियाबाद से अमित और असम से हरि नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि पूरे घटनाक्रम को बारीकी से प्लान किया गया था।पुलिस ने इस केस में पूरे 2.2 करोड़ रुपये की रकम बरामद कर ली है। यानी बुजुर्ग को उनकी रकम पूरी की पूरी वापस मिल गई।

डिजिटल ठगी के ये संकेत पहचानें – ताकि आप अगला शिकार न बनें
अगर कोई सरकारी अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल पर आपसे पैसे मांगे – तो सतर्क हो जाएं।
कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश हो – पुलिस को रिपोर्ट करें।
ऐसे मामलों में फोन पर डरें नहीं, अपने करीबी या लोकल पुलिस से तुरंत बात करें।