WHO ने कोरोना से भी खतरनाक बीमारी पर काबू पाने के लिए उठाया अहम कदम, अब इसकी वैक्सीन को भी दी गई मंजूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को Monkeypox के खिलाफ LC16m8 नामक एक नई वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल (EUL) के लिए मंजूरी दे दी है। यह…

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को Monkeypox के खिलाफ LC16m8 नामक एक नई वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल (EUL) के लिए मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन महामारी बढ़ोतरी को नियंत्रित करेगा और संक्रमण से बचाएगा।

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WHO के इस कदम से एमपॉक्स से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर नए उपायों को लागू किया जाएगा, जिससे दुनियाभर में इस संक्रमण के खिलाफ अधिक प्रभावी ढंग से लड़ा जा सकेगा। इस वैक्सीन को लेकर डॉक्टर ने कहा कि हमारा उद्देश्य महामारी को नियंत्रण में लाना है। एलसी16एम8 वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल करना एक अहम कदम है।

यह वैक्सीनेशन, खासकर बच्चों और अन्य उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए सुरक्षा प्रदान करेगा। यह वैक्सीन उन देशों में मिलेगी जहां एमपॉक्स का खतरा ज्यादा है। बताया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन देश को शीघ्रता से वैक्सीन उपलब्ध कराता है। इससे महामारी को रोकने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया दुनिया भर में वैक्सीनेशन की गति को भी तेज करता है बताया जा रहा है कि यह बीमारी खास तौर पर जानवरों से इंसानों में फैलती लेकिन इसके इंसान से इंसान में फैलने के भी कई मामले सामने आए हैं।

एमपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं: – तेज बुखार, – सिरदर्द, – मांसपेशियों में दर्द, – ठंड लगना, – थकावट, – और स्किन पर मवाद वाले दाने (मैकुलोपापुलर दाने), जो बाद में घाव में बदल सकते हैं।

यह बीमारी दो से चार हफ्तों में ठीक हो जाती है लेकिन अगर इसके लक्षण गंभीर हो तो इसका इलाज ज्यादा दिन तक चलता है। WHO द्वारा अनुमोदित वैक्सीन: LC16m8 WHO ने LC16m8 वैक्सीन को एमपॉक्स के खिलाफ सुरक्षा के लिए आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।

WHO द्वारा अनुमोदित LC16m8 वैक्सीन इस वायरल संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है और इसे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दिया जाएगा। इसके अलावा, इस वैक्सीनेशन से वायरस के फैलाव को रोकने में भी मदद मिलेगी।

एमपॉक्स से बचाव के उपाय WHO ने एमपॉक्स से बचाव के लिए कुछ आवश्यक उपाय सुझाए हैं जिन्हें अपनाकर इस वायरस से बचा जा सकता है:

  1. प्रभावित और संक्रमित क्षेत्र में न जाए और इनसे दूरी बनाए रखें।
  2. आवारा जानवरों के संपर्क में ना आए क्योंकि यह वाइरस आमतौर पर जानवर से फैलता है ।

3.संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें।

  1. पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) का इस्तेमाल करें, खासकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को।
  2. घावों को खुले में न छोड़ें। यदि शरीर में किसी प्रकार की चोट या घाव हो, तो उसे तुरंत ढककर रखें ताकि वायरस न फैले।

LC16m8 वैक्सीन की मंजूरी से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रभावित देशों में शीघ्रता से वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो सके। इस वैक्सीनेशन को अधिकतर स्वास्थ्य कर्मचारियों, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों, और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वालों को दिया जाएगा।

यह वैक्सीनेशन अब उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगा जो इस वायरस के संपर्क में आ सकते हैं। एमपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा उपायों का पालन भी जरूरी होगा।