अक्सर यह सवाल पूछे जाते है कि क्या चुइंगम चबाने से याददाश्त बढ़ती है? इसका जवाब है कि हाँ, वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि चिंगम चबाने से दिमाग में ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में सहायक होता है। जिससे फोकस और याददाश्त अच्छी होती है।
चुइंगम चबाने से मुख्य रूप से याददाश्त और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं में थोड़ा ठीक करने में सहायक होते है। इसके साथ ही यह याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक होते है। रिसर्च में बताया गया है कि चुइंगम चबाते समय मस्तिष्क में रक्त का बल्ड सर्कुलेशन बढ़ाने में भी सहायक होता है। जिससे ‘हिप्पोकैम्पस’ सक्रिय होता है और आपकी याद रखने की क्षमता बढ़ती है।
तनाव और चिंता: चुइंगम चबाने से शरीर में ‘कोर्टिसोल’ यानी तनाव हार्मोन का स्तर कम होता है, जिससे घबराहट और चिंता कम होती है।
पाचन में सुधार: इसे चबाने से मुँह में लार अधिक बनती है, जो पेट के एसिड को संतुलित करती है और एसिडिटी या सीने की जलन में राहत देती है।
एकाग्रता : काम के दौरान चिंगम चबाने से नींद कम आती है और आप अपने काम पर बेहतर तरीके से ध्यान लगा पाते हैं।
दांतों की सफाई: चुइंगम चबाने से दांतों के बीच फंसा खाना निकल जाता है और कैविटी का खतरा कम होता है।
वजन घटाने में सहायक: बार-बार कुछ खाने की इच्छा को कम करके यह आपको फालतू कैलोरी लेने से बचाती है।
कान का दर्द: हवाई जहाज के सफर के दौरान हवा के दबाव से होने वाले कान के दर्द में चुइंगम चबाना बहुत असरदार होता है।
इसक साथ ही माना गया है कि चुइंगम सीधे तौर पर चर्बी नहीं जलाती, लेकिन यह बार-बार भूख लगने के अहसास को कम करती है, जिससे आप कम खाते हैं और वजन कम हो सकता है। बता दें कि हमेशा शुगर-फ्री चुइंगम ही चबाए क्योंकि इसमें मौजूद ‘जाइलिटोल’ दांतों को सड़ने से बचाता है।
