बड़ी खबर: होम क्वारंटाइन (Home quarantine) के उल्लंघन पर 6 माह व 3 साल के भाई—बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज, COVID-19 मजिस्ट्रेट सस्पेंड

उत्तरकाशी, 24 अप्रैल 2020उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. होम क्वारंटाइन (Home quarantine) के उल्लंघन पर…

उत्तरकाशी, 24 अप्रैल 2020
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. होम क्वारंटाइन (Home quarantine) के उल्लंघन पर एक 6 माह व 3 साल के मासूम के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया जो कि जेजे एक्ट का उल्लंघन है. इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. मामले में डीएम ने COVID-19 मजिस्ट्रेट को सस्पेंड कर दिया है.

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दरअसल, जिले के चिन्यालीसौड़ राजस्व क्षेत्र के एक गांव में पंचकुला हरियाणा से एक परिवार अपने दो बच्चों के साथ गांव पहुंचा. होम क्वारंटाइन (Home quarantine) के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर डीएम डॉ. आशीष चौहान के आदेश पर 51 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.

इनमें 47 लोग राजस्व क्षेत्र के थे. इसी 47 लोगों की सूची में एक 6 माह का बच्चा और एक 3 साल की बच्ची का नाम और उनके माता पिता का नाम भी शामिल था. राजस्व पुलिस के पास जैसे ही सूची पहुंची. राजस्व पुलिस होम क्वारंटाइन (Home quarantine) का पालन न करने और दूसरों के जीवन को खतरे में डालने के आरोप में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

मासूम बच्चों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की भनक जैसे ही प्रशासन तक पहुंची तो हड़कंप मच गया. आनन—फानन में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित क्षेत्र के कोविड-19 मजिस्ट्रेट को निलंबित (suspend) कर दिया है. बताया जा रहा है कि निलंबित होने वाले COVID-19 मजिस्ट्रेट सिंचाई खंड उत्तरकाशी में सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं.

बताते चले कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता है. अधिकारियों की इस लापरवाही पर लोगों ने आपत्ति जताई है. प्रशासन पर तमाम सवाल खड़े होने लगे है. लोगों का कहना है कि प्रशासन में बैठे अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोट को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जानी चाहिए.