उत्तराखंड में कमर्शियल गैस की किल्लत के बीच सरकार ने अहम कदम उठाया है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से पहले कारोबार और पर्यटन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए अब व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई के लिए नई एसओपी लागू कर दी गई है। इसके तहत प्रदेश में हर दिन 2650 कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिल सके।
देहरादून में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी इस व्यवस्था के अनुसार गैस वितरण की जिम्मेदारी तीन कंपनियो इंडियन ऑयल कार्पोरेशन भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को सौंपी गई है। इन कंपनियों को उनकी मौजूदा बाजार हिस्सेदारी के आधार पर सिलिंडर की आपूर्ति करनी होगी और इसकी जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों को भी देनी होगी।
सरकार का कहना है कि यदि समय पर गैस उपलब्ध नहीं हुई तो चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटन कारोबार प्रभावित हो सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और राज्य स्तरीय समिति की बैठक के बाद लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत जिलों को उनके कमर्शियल गैस कनेक्शनों की संख्या के आधार पर सिलिंडर आवंटित किए जाएंगे।
देहरादून को सबसे ज्यादा करीब 31 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जबकि नैनीताल और हरिद्वार को 13-13 प्रतिशत कोटा दिया गया है। अन्य जिलों को भी उनकी आवश्यकता के अनुसार हिस्सेदारी तय की गई है।
सरकार ने विभिन्न सेक्टरों के लिए भी रोजाना सिलिंडरों की संख्या निर्धारित की है ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
रेस्टोरेंट और ढाबों को 1000 सिलिंडर, होटल और रिजॉर्ट को 750 सिलिंडर दिए जाएंगे, जबकि अन्य क्षेत्रों जैसे फार्मास्यूटिकल, डेयरी और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी अलग-अलग मात्रा तय की गई है।
