उत्तर प्रदेश में आगामी ग्राम पंचायत , क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों शोरों से हो रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने के लिए सभी जिलों में मत पत्र विवरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आयोग के मुताबिक पूरे राज्य में कुल करीब 60 करोड़ मतपत्र छपवाए जाएंगे और वितरित किए जाएंगे। मत पत्रों की भारी संख्या और उन्हें सुरक्षित रूप से जिलों तक पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए इस कार्य को सबसे पहले शुरू कर दिया गया है।
विभिन्न जिलों में मतपत्र पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है ताकि चुनाव की घोषणा के बाद किसी भी चीज में देरी न हो।
इस बीच, मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य भी तेजी से चल रहा है। आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण की पहली (अनंतिम/ड्राफ्ट) सूची पहले ही जारी कर दी है। इस सूची पर प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण विभिन्न स्तरों पर किया जा रहा है।
आयोग ने समय सीमा बढ़ाते हुए अंतिम मतदाता सूची 26 मार्च को जारी होगा। इससे पहले ये तारीख फ़रवरी में तय की गई थी लेकिन लाखों दावे आपत्तियों के निपटारे के लिए अधिक समय दिया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी बताते हैं कि पंचायत चुनाव तीन स्तरों-ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत-पर होंगे। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सुधार के लिए अभी समय है, और अंतिम सूची के बाद कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं होगा।
चुनाव अप्रैल-मई 2026 के आसपास प्रस्तावित हैं, हालांकि आधिकारिक तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी। यह तैयारियां उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में महत्वपूर्ण हैं, जहां लाखों मतदाता स्थानीय नेतृत्व चुनेंगे।
आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतपत्रों का वितरण, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट sec.up.nic.in पर जाकर अपनी ड्राफ्ट सूची चेक करें और आवश्यक दावे दर्ज कराएं।
