कल आखिरी मौका, लिंकिंग नहीं किया तो पैन कार्ड हो जाएगा रद्द — घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया जानें

आज के दौर में आधार और पैन कार्ड दोनों ऐसे जरूरी दस्तावेज बन गए हैं, जिनके बिना सरकारी तो क्या, आम काम भी अधूरे रह…

आज के दौर में आधार और पैन कार्ड दोनों ऐसे जरूरी दस्तावेज बन गए हैं, जिनके बिना सरकारी तो क्या, आम काम भी अधूरे रह जाते हैं। अगर आप इनकम टैक्स भरते हैं और अब तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाए हैं, तो यह काम तुरंत कर लेना चाहिए। 31 दिसंबर आखिरी तारीख है और इसके बाद आपका पैन कार्ड इनएक्टिव हो जाएगा। ऐसा होते ही न तो आप इनकम टैक्स रिटर्न भर पाएंगे और न ही किसी तरह के रिफंड का लाभ ले सकेंगे।


सरकार ने आधार-पैन लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है, जिससे लोग बिना किसी दफ्तर में गए घर बैठे ही यह काम निपटा सकते हैं। बस आपके पास पैन कार्ड, आधार कार्ड और आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर होना चाहिए, क्योंकि प्रक्रिया के दौरान OTP उसी नंबर पर आता है। आधार और पैन कार्ड में नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण भी मैच होने चाहिए। अगर जानकारी अलग होगी, तो लिंकिंग रुक जाएगी और पहले सुधार कराना पड़ेगा।


यह लिंकिंग उन लोगों के लिए जरूरी है जो इनकम टैक्स फाइल करते हैं, या जिनका पैन कार्ड 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार नंबर का इस्तेमाल कर जारी किया गया था। इसके अलावा जिन लोगों ने आधार एनरोलमेंट आईडी के आधार पर पैन बनवाया था, उन्हें भी इसे दोबारा आधार से जोड़ना जरूरी है।


लिंकिंग करने के लिए इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर होमपेज के Quick Links से ‘लिंक आधार’ का विकल्प चुना जाता है। वहां पैन नंबर, आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालना होता है। इसके बाद आए OTP को दर्ज करते ही लिंकिंग पूरी हो जाती है। यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाती है।
लिंकिंग स्टेटस भी घर बैठे जांचा जा सकता है।

ई-फाइलिंग पोर्टल के होमपेज पर लिंक आधार स्टेटस पर जाकर पैन और आधार नंबर भरते ही पता चल जाता है कि आपका पैन आधार से जुड़ चुका है या नहीं। अगर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो हरे रंग का टिक दिखाई देता है। अगर अभी वेरिफिकेशन चल रहा है, तो उसका संदेश दिखता है।


CBDT ने टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और गलत या फर्जी पैन कार्ड से बचने के लिए आधार-पैन लिंकिंग को अनिवार्य किया है। पहले इसकी आखिरी तारीख 30 जून 2023 थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई 2024 किया गया। अब अंतिम तारीख 31 दिसंबर तय की गई है। देर से लिंक करने वालों पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है। इसलिए बेहतर है कि समय रहते यह काम पूरा कर लिया जाए, ताकि आगे टैक्स से जुड़ी कोई परेशानी न आए।