जनगणना के बाद ही देश की जनसंख्या की सटीक स्थिति सामने आती है। वर्तमान दौर में भारत की आबादी के संदर्भ में बात की जाए तो बिना किसी जनगणना के सटीक जनसंख्या का पता लगाना बेहद मुश्किल है। जनसंख्या वृद्धि दर संबंधी आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के अनुसार 2021 में भारत की जनसंख्या लगभग 139 करोड़ हो चुकी है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या के रिपोर्ट के अनुसार 2010 से 2019 के बीच भारत की आबादी की कुल वार्षिक वृद्धि दर 1.2 से बढ़कर 1.36 हुई है, जो की चीन की वार्षिक वृद्धि दर के मुकाबले दोगुनी है। इसके अनुसार, 2020 में भारत की आबादी लगभग 138 करोड़ होती है। हालांकि, 141 करोड़ आबादी के साथ चीन दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। ऐसा इसलिए है कि हमें 2021 की वास्तविक जनसंख्या का पता ही नहीं है।
गौरतलब है कि देश में आखिरी बार जनगणना 2011 में हुई थी। इस जनगणना को एक दशक पूरा हो चुका है। इस एक दशक में देश में बहुत कुछ बदल गया है। 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, भारत की आबादी 1.21 अरब यानी 121 करोड़ है। यह जनसंख्या अमेरिका, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैस देशों की कुल आबादी से भी अधिक है।
देश में 2011 की जनगणना को दो चरणों में पूरा किया गया था। पहले चरण में अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 के बीच देशभर में घरों की गिनती की गई थी। वहीं, दूसरे चरण में 09 फरवरी, 2011 से 28 फरवरी, 2011 तक चली। यह जनगणना किसी भी देश के विकास में मील का पत्थर होती है और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाती है। देश में प्रत्येक 10 साल में एक बार जनगणना होती है। पिछली जनगणना के 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 2021 में नई जनगणना होनी थी, लेकिन वैश्विक संक्रामक महमारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण इसमें लगातार देरी हो रही है।
जनसंख्या के अनुसार ये हैं भारत के बड़े राज्य, जानिए कहां-कितनी
जनगणना के बाद ही देश की जनसंख्या की सटीक स्थिति सामने आती है। वर्तमान दौर में भारत की आबादी के संदर्भ में बात की जाए…

