युद्धविराम का सच-अमेरिका की वैश्विक छवि को लगा धक्का

अंतरराष्ट्रीय डेस्क उत्तरा न्यूज :अमेरिका और ईरान के बीच जारी विनाशकारी युद्ध में आखिरकार समझदारी ने जीत हासिल की है और दोनों देश दो सप्ताह…

The truth of the ceasefire - America's global image suffered a blow

अंतरराष्ट्रीय डेस्क उत्तरा न्यूज :
अमेरिका और ईरान के बीच जारी विनाशकारी युद्ध में आखिरकार समझदारी ने जीत हासिल की है और दोनों देश दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि दोनों देश एक पक्के शांति समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं। यह फैसला ट्रंप की रात 8 बजे की उस खतरनाक डेडलाइन से ठीक पहले आया जिसके तहत अमेरिका ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर बड़े हमले करने वाला था।

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बाजार में दिखा सकारात्मक असर
यह पूरा युद्धविराम इस शर्त पर टिका है कि ईरान अपनी सैन्य कार्रवाई रोकेगा और व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल देगा। ईरान ने इस पर सहमति जताई है हालांकि उसका कहना है कि जलमार्ग पर उसका नियंत्रण अभी भी बना हुआ है। इस युद्धविराम का वैश्विक बाजार पर तुरंत और बेहद सकारात्मक असर देखने को मिला है। कई दिनों के भारी तनाव के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है और अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। निवेशकों को उम्मीद है कि अब सबसे बुरा दौर पीछे छूट चुका है।


अमेरिका की वैश्विक छवि को भारी नुकसान
इस युद्धविराम के साथ ट्रंप ने अपना तात्कालिक लक्ष्य तो हासिल कर लिया है लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस आंशिक जीत के लिए अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। मंगलवार सुबह ही ट्रंप ने ईरानी सभ्यता को हमेशा के लिए खत्म कर देने की भयानक धमकी दी थी। एक अमेरिकी राष्ट्रपति की इतनी चौंकाने वाली और भड़काऊ भाषा पहले कभी नहीं सुनी गई। अगर यह युद्धविराम स्थायी शांति में बदल भी जाता है तो भी ट्रंप के इन बयानों ने दुनिया की नजरों में अमेरिका की छवि को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। जो अमेरिका कभी दुनिया में स्थिरता बनाए रखने वाली ताकत माना जाता था वह अब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद को हिलाता हुआ नजर आ रहा है।


डेमोक्रेट्स ने उठाया ट्रंप के नेतृत्व पर सवाल
ट्रंप की सभ्यता खत्म करने वाली धमकी का अमेरिका के अंदर भी भारी राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें पद से हटाने तक की मांग कर दी है। डेमोक्रेटिक सांसद जोक्विन कास्त्रो ने कहा कि राष्ट्रपति लगातार कमजोर हो रहे हैं और नेतृत्व करने के योग्य नहीं हैं। वहीं सीनेट में डेमोक्रेट्स के शीर्ष नेता चक शमर ने चेतावनी दी कि जो भी रिपब्लिकन नेता इस युद्ध को खत्म करने के लिए वोट नहीं करेगा वह इसके हर विनाशकारी नतीजे का जिम्मेदार होगा।


रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी किया ट्रंप का विरोध
सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता भी उनके विरोध में उतर आए हैं। हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्य ऑस्टिन स्कॉट ने ट्रंप की धमकी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे उल्टा असर डालने वाला बताया। ट्रंप के समर्थक माने जाने वाले सीनेटर रॉन जॉनसन ने भी बमबारी की योजना को बहुत बड़ी गलती करार दिया। टेक्सास के कांग्रेस सदस्य नेथनियल मोरेन और अलास्का की सीनेटर लिजा मुरकोवस्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूरी सभ्यता के विनाश की बात करना अमेरिकी सिद्धांतों के खिलाफ है और इसे सिर्फ कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

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