अल्मोड़ा। कहते हैं मुश्किल घड़ी में जो साथ खड़ा होता है, वही असली अपना होता है। अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक की ग्राम सभा हटौला ने हाल ही में ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। यहाँ के लोगों ने एक पीड़ित परिवार की मदद कर इंसानियत की ऐसी मिसाल कायम की, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
चुनावी माहौल में जन्मी एक नेक पहल
जहाँ कुछ महीने पहले पूरा उत्तराखंड चुनावी रंग में डूबा हुआ था, वहीं हटौला गाँव में चुनाव नतीजे आने के बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान कल्पना नेगी और क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता रावल ने जीत का जश्न मनाने की जगह समाज सेवा की नई शुरुआत कर दी।
पूरन सिंह बिष्ट का दुखद निधन
गाँव बगरेटी (हटौला) के रहने वाले पूरन सिंह बिष्ट लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इलाज में घर की पूरी जमा पूँजी खत्म हो गई और 1 अगस्त 2025 को उनका अल्पायु में निधन हो गया। पूरन सिंह ही परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा थे। पीछे उनकी वृद्ध माँ, पत्नी और महज 5 और 2 साल के दो छोटे बच्चे रह गए।
गाँव ने बढ़ाया मदद का हाथ
ऐसे कठिन समय में ग्राम सभा के लोग आगे आए। व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक के जरिए मदद की अपील की गई। नतीजा यह हुआ कि गाँव और समाज के सहयोग से करीब 2.20 लाख रुपये की राशि इकट्ठा कर पीड़ित परिवार तक पहुँचाई गई।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील
ग्राम सभा के लोगों ने प्रशासन और स्थानीय विधायक मनोज तिवारी से आग्रह किया है कि इस परिवार की भविष्य में भी हरसंभव मदद की जाए और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का सहारा बनें।
जिन्होंने निभाई अहम भूमिका
इस नेक काम में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में ग्राम प्रधान कल्पना नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता रावल, समाजसेवी कृष्णा रावल, दरबार सिंह नेगी, आनंद सिंह नेगी और मुकेश सिंह नेगी के साथ-साथ पूरी ग्राम सभा का योगदान रहा।

