हरिद्वार में बदहाली दिखी अपनी चरम सीमा पर, एक ही भवन में दो स्कूल,ना टॉयलेट और ना है रोशनी, 237 छात्र ठूंसे

उत्तराखंड के हरिद्वार में सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने आ रही है। यहां एक ही भवन में दो स्कूल चल रहे हैं। एक कक्ष या…

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उत्तराखंड के हरिद्वार में सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने आ रही है। यहां एक ही भवन में दो स्कूल चल रहे हैं। एक कक्ष या हॉल में अध्यापक दो से तीन कक्षाएं ले रहे हैं। बच्चे भी एक साथ बैठ रहे हैं, कुछ पता नहीं कि कौन किस कक्षा का बच्चा है। यहां बात हो रही राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-14 की।


बताया जा रहा है की बरसात में राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या 5 का भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके बाद अफसर नहीं वहां से 97 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय 14 में शिफ्ट कर दिया जहां पहले से ही 140 बच्चे पढ़ रहे थे।

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इस स्कूल के भवन में एक कक्ष नीचे और दूसरा ऊपर है और एक हाॅल है। बच्चे बाहर हाॅल में पढ़ाई करते हैं। यही नहीं यहां एक ही शौचालय है। रोशनी की भी पूरी व्यवस्था नहीं है। प्राथमिक विद्यालय संख्या-14 की रसोई भी बहुत छोटी है।


पहले प्राथमिक विद्यालय संख्या 5 के बच्चों को शास्त्री नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय संख्या 3 में ले जाया जा रहा था। पर अचानक अवसरों ने उनको विद्यालय संख्या 14 में शिफ्ट कर दिया। अध्यापकों ने इस पर शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजे, कार्रवाई नहीं हुई। अब अध्यापकों को इंतजार है। प्राथमिक विद्यालय-1 में तो 13, 12 और 2 के छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।


दोनों स्कूलों के कुल 237 बच्चे और 12 अध्यापक हैं। सारा दिन बच्चों का शोर रहता है। एक शिक्षक को तीन अलग-अलग कक्षाओं के बच्चे सुनते हैं।

अध्यापकों को भी पढ़ाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली गुल होने पर परेशानी बढ़ जाती है। इस भवन में अंधेरा छा जाता है। बच्चों का मिड-डे मील भी करीब एक किमी दूर प्राथमिक विद्यालय-पांच से बनकर आता है।


खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद बृजपाल सिंह राठौर ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश पर बरसात के दिनों में बच्चों को स्थानांतरित किया गया था। अध्यापकों के पत्र मिले हैं। जल्द ही उच्च अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द समाधान होगा।