ताकुला में पीएचसी और सीएचसी नाम के बीच भटकती रही चिकित्सा व्यवस्था, अब ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिए जाने की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप सीएचसी के मानकानुसार स्वास्थ्य सुविधाएं…

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिए जाने की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप सीएचसी के मानकानुसार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग क्षेत्रवासियों ने की है।


इसके अलावा पॉलिटेक्निक ताकुला में चार नए ट्रेड खोलने की मांग को लेकर ताकुला क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के एक दर्जन से अधिक प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।


स्वास्थ्य केंद्र विषयक ज्ञापन में क्षेत्र के 470 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की जनता द्वारा पिछले दो दशक से की जा रही मांग पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा 1 अगस्त 2025 को इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की घोषणा की थी, लेकिन घोषणा के चार माह बीत जाने के बाद भी धरातल पर कार्य होता नहीं दिखाई दे रहा है।


पूर्व में यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण किए बिना ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बना दिया गया था, जिसका लोकार्पण 4 अगस्त 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा किया गया। तभी से इस भवन में पी.एच.सी. संचालित होने के बावजूद यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिख दिया गया था जो अभी तक बना हुआ था।


स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भवन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिख दिया गया है। इससे जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।


ज्ञापन में घोषणा के अनुसार यथाशीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।


मुख्यमंत्री को भेजे गए एक अन्य ज्ञापन में राजकीय ग्रामीण पॉलिटेक्निक ताकुला में 4 नये ट्रेड मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस एवं आईटी, इलेक्ट्रिकल तथा होटल मैनेजमेंट खोलने की मांग की। कहा 1986 में दो ट्रेडों के साथ प्रारंभ किए गए इस कॉलेज में 40 वर्ष बाद भी केवल दो ट्रेड ही संचालित हो रहे हैं।


ज्ञापन देने वालों में वन पंचायत संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह पिलख्वाल, लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुनील बाराकोटी, उत्तराखंड क्रांति दल के गोकुल नगरकोटी, मल्ला स्यूनरा विकास मंच के चंदन सिंह बिष्ट, संसाधन पंचायत के किशोर तिवारी, ग्राम प्रधान अरुण कुमार भोज, शीला आर्या, ज्योति डंगवाल, भावना आर्या, बालम सिंह बिष्ट, भगवत राम, सरपंच बहादुर सिंह मेहता, डूंगर सिंह, पूरन सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।

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