कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तबियत से उछालो यारो…..
अल्मोड़ा: इस बार कई सरकारी अध्यापक, अध्यापिकाओं ने अपने आप बिना सरकारी दबाब के एक कदम उठाया है जिसमें उन्होंने स्वयं पहल की है।
यह पहल है वह अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में ही पढ़ाऐंगे, उम्मीद है कि यह पहल एक नजीर बनेगी ताकि जनता का भरोसा जो सरकारी विद्यालय पर उठ सा गया है उसे कायम किया जाए।
इसी के तहत स्याल्दे क्षेत्र में अनेक अध्यापक, अध्यापिकाओं ने अपने अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में प्रवेश कराया।
बताते चलें कि क्षेत्र में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोलना (देघाट) और स्याल्दे प्राथमिक विद्यालय, सराईखेत को केंद्र बनाकर के उसमें सभी भौतिक सुविधाएं और मानवीय या अध्यापक अध्यापिकाऐं उपलब्ध कराने का बेड़ा अध्यापक अध्यापिकाओं ने उठाया है, उसे पूर्ण करते हुए अपने मुहिम के पहले चरण में सरकारी विभाग के सरकारी अध्यापक अध्यापिकाओं ने अपने बच्चों को एडमिशन, प्रवेश कराया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओग्लियासिम में कार्यरत प्रभु दयाल ने अपने बालक अर्णव का प्रवेश कक्षा 1 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोलना (देघाट) में करवाया,जबकि राप्रावि मालभीडा में तैनात गजेंद्र चौहान ने अपने बालक हर्षित कुमार का एडमिशन कक्षा 1 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोलना ( देघाट) में करवाया।
इसी क्रम में नगरकोटिया प्रावि में कार्यरत रमेश नेगी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्याल्दे में अपने दो बच्चों का एडमिशन में कराया।
जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय का कफलटना में तैनात राजेश सिंह ने अपने बच्चों को अपने ही विद्यालय में प्रवेश दिलाया,
जौरासी प्राथमिक विद्यालय में तैनात राखी राजपूत ने अपने पाल्य को अपने ही विद्यालय में एडमिशन कराया, राजकीय प्राथमिक विद्यालय अफौं में कार्यरत जयप्रकाश तिवारी ने अपने पाल्य को राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्याल्दे में एडमिशन कराया।
अन्य शिक्षकों ने भी इस मुहिम और पहल की सराहना की है, शिक्षक डॉक्टर नवीन जोशी ने बताया कि इस क्रम में बहुत सारे नाम अभी और भविष्य में जुडेंगे, परंतु आज सत्र का दूसरा सप्ताह है उसी क्रम में इन लोगों ने एक नजीर पेश की है जहां जनता को यह विश्वास दिलाना कि हम अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़ा रहे हैं तो अवश्य आप भी कदम से कदम मिलाकर साथ चलिए, और साथ आइए।
उन्होंने कहा कि इन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को पहले केन्द्रीय विद्यालय कहा जाता था जिनमें गोलना,(देघाट,) स्याल्दे, सराईखेत प्रमुख थे अभी इन विद्यालयों में यह मुहिम चल रही है, ये सभी भौतिक सुविधा और पूर्ण अध्यापक, अध्यापिकाओं से आच्छादित रहेंगे, लगभग 6 अध्यापक अध्यापिकाऐं इन विद्यालय में रहेंगे। हर क्लास के लिए के अध्यापक अध्यापिकाऐं अलग से रहेंगे और जैसे कि हमने पहले कहा है कि हमने अनेक कोर्सेज, जैसे जवाहर नवोदय राजीव नवोदय, सैनिक स्कूल और सरकारी मुख्य मंत्री मेधावीपरीक्षा सहित सभी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं अतिरिक्त कोर्सेज कम्प्यूटर ict भी लगाने पर विचार किया हैं उस पर भी हम कार्य करेंगे।
शिक्षकों ने क्षेत्र की आम जनता से भी अपने पाल्यों का प्रवेश राजकीय विद्यालयों में कराने का आह्वान किया है।
कहा कि सात अप्रैल को राज्य सरकार द्वारा सरकारी विद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षकों ने लोगों से इस पहल से जुड़ कर राजकीय स्कूलों में नामांकन कराने को आगे आने की अपील की है।
मालूम हो कि इससे पूर्व मनान प्राथमिक विद्यालय में हेड टीचर सोनू पांडे ने अपनी बच्ची का प्रवेश अपने विद्यालय में कराया जिसकी खूब प्रसंशा हो रही है।

