लंबे समय तक बैठे रहने से बढ़ती है सिर्फ पेट नहीं, इस गंभीर बीमारी का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है

ऑफिस में लंबे समय तक कुर्सी पर जमे रहना भले ही आपको मेहनती कर्मचारी की छवि दे दे, लेकिन आपकी सेहत के लिए यह आदत…

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ऑफिस में लंबे समय तक कुर्सी पर जमे रहना भले ही आपको मेहनती कर्मचारी की छवि दे दे, लेकिन आपकी सेहत के लिए यह आदत बेहद खतरनाक मानी जाती है। रोज़ 8-9 घंटे बिना हिले-डुले बैठकर काम करना आपके दिल के साथ-साथ शरीर के कई अहम हिस्सों पर बुरा असर डालता है। यही वजह है कि डेस्क जॉब करने वाले लोगों को यह समझना बेहद ज़रूरी है कि लगातार बैठे रहने से शरीर में क्या-क्या नुकसान होता है और इससे हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है।



नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल एंड न्यूरो इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अमित हांडा बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति शुरुआत में थोड़ी देर टहल भी ले, लेकिन उसके बाद पूरे दिन 8-9 घंटे एक ही जगह बैठा रहे, तो इससे शरीर में खून का प्रवाह धीमा पड़ने लगता है। खासकर पिंडलियों में खून सही तरह ऊपर नहीं जा पाता, जिससे उन्हें ‘दूसरा दिल’ भी कहा जाता है। जब पिंडलियाँ सुस्त पड़ जाती हैं, तो पैरों में खून जमा होने लगता है और थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है।


उन्होंने बताया कि लगातार कई घंटे बैठकर काम करना दिल के अलावा अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है। रिसर्च से पता चला है कि देर तक बैठे रहने की आदत 10% ब्रेस्ट कैंसर, 10% कोलन कैंसर, कमर दर्द और हड्डियों की कमजोरियों का बड़ा कारण बन सकती है।



डॉ. हांडा बताते हैं कि लंबा सिटिंग टाइम हार्ट अटैक की संभावना बढ़ा देता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि जब कोई रोज़ 12 से 14 घंटे तक लगातार बैठे रहने की स्थिति में रहता है—चाहे ऑफिस का काम हो, लंबा सफर हो या फिर फ्री टाइम में मोबाइल चलाना—तो शरीर की मेटाबॉलिक एक्टिविटी कम होने लगती है। शरीर धीरे-धीरे ‘सेविंग मोड’ में चला जाता है।

इसके चलते ब्लड प्रेशर बढ़ता है, शुगर पर नियंत्रण रखने की क्षमता घटती है और कोलेस्ट्रॉल भी बिगड़ने लगता है। यही सभी कारण मिलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।


दिल और सेहत को बचाए रखने के लिए कुछ आसान आदतें काफी फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
हर 30 से 40 मिनट बाद अपनी कुर्सी छोड़कर दो मिनट टहलें। इससे खून का बहाव ठीक रहता है।
लंच के बाद कम से कम 10 मिनट पैदल चलने की आदत डालें।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
अपने पास हमेशा पानी रखें और दिनभर हाइड्रेटेड रहें, क्योंकि कम पानी पीना खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ा सकता है।
फोन कॉल आने पर बैठकर बात करने के बजाय चलते-चलते बातें करें।


सबसे महत्वपूर्ण बात—दिनभर के कुल बैठने के समय को कम करने की कोशिश करें। जितना ज़्यादा चलेंगे, दिल उतना ही सुरक्षित रहेगा।

यहां दी गई सारी जानकारी, उपचार संबंधी संकेत और खुराक से जुड़ी बातें विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित हैं। किसी भी सलाह को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें। उत्तरा न्यूज स्वयं दवा लेने या बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी इलाज को अपनाने की सिफारिश नहीं करता।

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