देश के धातु बाज़ार में चांदी इस समय जिस तेजी से ऊपर जा रही है, उसने आम खरीदार को पूरी तरह चौंका दिया है। दाम इतने तेजी से बढ़ रहे हैं कि विशेषज्ञों का मानना है कि यह रफ्तार जारी रही तो इसी हफ्ते चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो की सीमा को पार कर सकती है।
बीते दो दिनों में चांदी जिस तरह उछली है, वह हाल के वर्षों में बहुत कम देखने को मिलता है। केवल 48 घंटों में चांदी करीब 53 हजार रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में वायदा कारोबार के दौरान चांदी ने सात प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाते हुए लगभग 3.83 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू लिया।
सोने की कीमतों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है। सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती दिलचस्पी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने सोने को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर निकल चुका है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। वायदा कारोबार की खासियत यह है कि यह उन धातुओं पर आधारित होता है जिन्हें आने वाले समय में बाजार में उतारा जाना है।
बुधवार को मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 26,821 रुपये की तेज बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 3,83,100 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ। वहीं सोने में भी 4,730 रुपये की मजबूती दर्ज की गई और यह 1,62,429 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली के हाजिर बाजार में भी मंगलवार को चांदी 40,500 रुपये उछली थी, जिससे कुल मिलाकर दो दिनों में इसकी कीमत लगभग 53 हजार रुपये बढ़ चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी और सोना इसी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं। कॉमेक्स पर मार्च अनुबंधों में चांदी करीब 115.52 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने में सफल रही। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक तनाव, डॉलर की गिरावट और सुरक्षित निवेश में बढ़ती रुचि ने चांदी के दामों को जोरदार समर्थन दिया है।
सोना भी पीछे नहीं है। कॉमेक्स पर फरवरी अनुबंधों में सोने के दाम 5,251 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को छू गए।
फेडरल रिज़र्व की संभावित नीति, भू-राजनीतिक हालात और लगातार कमजोर होते डॉलर ने सोने को 5,200 डॉलर की सीमा पार करवा दी। जानकार मानते हैं कि फिलहाल हालात तेजी का ही इशारा कर रहे हैं और दाम में सुधार के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।
