अल्मोड़ा में जन स्वास्थ्य संघर्ष मोर्चा द्वारा आयोजित “जन स्वास्थ्य पर जनसंवाद” संगोष्ठी में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं व्यापार नहीं बल्कि आम जनता का अधिकार हैं और इन्हें पूरी तरह सार्वजनिक, निशुल्क, गुणवत्तापूर्ण व सर्वसुलभ बनाया जाना चाहिए।
बीते दिवस यानि कल 4 जनवरी को राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा में स्वर्गीय मंजू तिवारी की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित की गई गोष्ठी में वक्ताओं ने ये बात कही।
जहां कार्यक्रम की शुरुआत में स्वर्गीय मंजू तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि मंजू तिवारी की मृत्यु कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि त्रुटिपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था का परिणाम थी, जो आज की स्वास्थ्य प्रणाली की गंभीर खामियों को उजागर करती है।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने चिंता जताई कि उत्तराखंड में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं, जिसके चलते आम लोगों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ रहा है।
आयुष्मान भारत योजना की आड़ में निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के आर्थिक शोषण पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने मांग की कि सरकारी अस्पतालों की सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हों, चिकित्सा शिक्षा सरकारी क्षेत्र में मुफ्त की जाए, राज्य में कार्यरत चिकित्सकों के लिए एक निश्चित अवधि तक सरकारी सेवा अनिवार्य की जाए, बाहर की दवाइयां लिखने की प्रथा पर रोक लगे और सरकारी अस्पतालों को किसी भी सूरत में निजीकरण से बचाया जाए।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण आज भी राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसूता महिलाओं और गंभीर रोगियों की समय पर इलाज न मिलने से असमय मौतें हो रही हैं, जो एक गंभीर सामाजिक अन्याय है। संगोष्ठी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जन स्वास्थ्य संघर्ष मोर्चा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर जन स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित करने के लिए अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक और सशक्त बनाएगा।
कार्यक्रम का संचालन विनोद तिवारी ने किया, जबकि वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सिंह रावत, यूकेडी जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी, आनंदी वर्मा, वरिष्ठ यूकेडी नेता शिवराज सिंह बनोला, विनय किरोला, भूपेंद्र बल्दिया, डॉ. रेनू, ममता, जगदीश चंद्र पांडे और गणेश चंद्र पांडे सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। संगोष्ठी के संयोजक और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार जताया, वहीं एडवोकेट जीवन चंद्र, मोहम्मद वसीम, शाकिब, पान सिंह, भावना पांडेय, आशा और धीरेंद्र मोहन पंत सहित बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
