Pithoragarh- धारचूला में भूस्खलन से 6 मकान क्षतिग्रस्त, 40 परिवार शिफ्ट, जनपद में कई मार्ग बंद

पिथौरागढ़। बरसात के बीच जनपद में जगह जगह भूस्खलन से कई मार्ग बंद हैं तो धारचूला नगर क्षेत्र में 6 मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें…

पिथौरागढ़। बरसात के बीच जनपद में जगह जगह भूस्खलन से कई मार्ग बंद हैं तो धारचूला नगर क्षेत्र में 6 मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें से दो भवन पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं। आपात व्यवस्था के तहत 40 परिवारों को सुरक्षा के मद्देनजर अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। वहीं मुनस्यारी क्षेत्र के बला से लापता हुए एक व्यक्ति का शव घरमोडा, क्वीटी से बरामद किया गया।

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शनिवार को जनपद भर में रुक रुककर कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश हुई। दोपहर के समय थल मुनस्यारी मोटर मार्ग में हरड़िया में भूस्खलन से मार्ग बंद हो गया, जिसे अपरान्ह करीब तीन बजे सुचारू कर दिया गया। वहीं बीते शुक्रवार की शाम धारचूला नगर के निकट एल धारा के पास भारी पहाड़ी से मात्रा में भूस्खलन हुआ और बड़े बड़े बोल्डर व मलबा धारचूला बाजार की ओर जाने लगे। जिसकी चपेट में आकर दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए जबकि चार अन्य भवनों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

इस दौरान क्षेत्र में सड़क से गुजर रहे कई वाहन सवार भूस्खलन की चपेट में आने से बाल बाल बचे। पूर्व से भूस्खलन के सक्रिय होने के चलते प्रशासन ने पहले ही 8 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया था। शाम को भारी मात्रा में भूस्खलन के बाद खतरे की जद में आने से लगभग 40 परिवारों को टीआरसी, जीआईसी तथा जनजाति छात्रावास में बने आश्रय स्थलों में शिफ्ट गया गया।

इधर घटना के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने तत्काल आपात बैठक बुलाकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य, सुरक्षा, मलबा हटाने, पेयजल व विद्युत आदि व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए निर्देश दिये। मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर भू स्लखलन प्रभावित क्षेत्र में सड़क से मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त परिसम्पत्पति का ब्यौरा एकत्रित करने, राहत कार्य व अन्य सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। धारचूला में हुए भारी भूस्खलन में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। दूसरी ओर जनपद भर में भूस्खलन से दो बॉर्डर रोड सहित करीब 22 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जबकि धारचूला में काली नदी चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही है।