बेंगलूर में रहने वाली 29 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर नव्या श्री शादी के लिए एक मैट्रिमोनी साइट का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जिसने अपने आपको संपत्ति और कारोबार के मामले में बेहद बड़ा खिलाड़ी बताकर उनका विश्वास जीत लिया। शादी की बात आगे बढ़ती दिखी, लेकिन धीरे-धीरे पूरी कहानी ठगी में बदल गई और नव्या से 1.52 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने खुद को 715 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बताया था। उसने नव्या और उनके परिवार को अपने बिजनेस में पैसा लगाने के लिए तैयार किया और कई बार उनसे उधार भी लिया। स्थिति तब पलटी, जब नव्या अपना पैसा मांगने उसके घर पहुंचीं और पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है।
उसकी पत्नी, जिसे वह बहन बताकर मिलवाता था, भी इस खेल में शामिल थी। अब आरोपी, उसके पिता और उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
नव्या और आरोपी विजय राज गौड़ा की पहली मुलाकात ‘वोक्कालिगा मैट्रिमोनी’ पर हुई थी। विजय ने खुद को VRG एंटरप्राइजेज का मालिक बताया और दावा किया कि बेंगलूरु के कई इलाकों में उसकी जमीनें, क्रशर और कारोबारी सेटअप हैं। उसने एक पुराना जमानत आदेश दिखाकर खुद को Enforcement Directorate के एक मामले से जुड़ा बताकर अमीर होने का भ्रम पैदा किया। इसी भरोसे के आधार पर वह शादी का वादा करता रहा और नव्या धीरे-धीरे उसकी बातों में फंसती गईं।
शुरुआत छोटे-छोटे उधार से हुई। 4 अप्रैल को विजय ने बैंक अकाउंट की दिक्कत बताकर फोनपे से 15 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उसने नव्या को बिजनेस में पार्टनर बनने के लिए राज़ी किया। नव्या ने लोन लिया, दोस्तों से उधार लिया और कई बार परिवार से भी पैसे लेकर उसकी मदद करती रहीं।
इस दौरान विजय ने अपने पिता कृष्णप्पा बी गौड़ा, मां नेत्रावती और एक महिला को बहन बताकर उनसे मिलवाया। उसके पिता ने खुद को रिटायर्ड तहसीलदार बताया था।
एफआईआर में यह भी सामने आया कि विजय ने नव्या के दोस्तों को भी निवेश करने के लिए उकसाया। कुछ ही दिनों में करीब 66 लाख और 23 लाख रुपये उसके हाथ लग गए। जब पैसे मांगने की नौबत आई, तो उसने दावा किया कि कोर्ट के आदेश से उसके बैंक अकाउंट फ्रीज हो गए हैं। इसी बहाने वह नव्या के माता-पिता से भी करीब 30 लाख रुपये ले गया।
दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच नव्या के पिता ने 10.5 लाख और उनकी मां ने रिटायरमेंट फंड से 18 लाख रुपये उसे दे दिए। इसके अलावा नव्या के जेवर भी बेचकर 10 लाख रुपये और भाई-बहनों से 5 लाख रुपये ले लिए गए।
राज खुला तब जब नव्या सीधे उसके घर पहुंचीं। वहां पता चला कि जिसे वह बहन समझ रही थीं, वह उसकी पत्नी है और उनका एक बच्चा भी है। शादी का वादा करने वाला व्यक्ति पहले से ही तीन साल से विवाहित था। पैसे लौटाने की मांग पर नव्या और उनके दोस्तों को धमकाने का आरोप भी सामने आया है।
कुल 1,75,66,890 रुपये में से आरोपी ने सिर्फ 22,51,800 रुपये लौटाए, जबकि 1,53,15,090 रुपये अभी बकाया हैं। पुलिस ने अब धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
