पीएमजीएसवाई: उत्तराखंड में बनेगी कई किलोमीटर नई सड़क, अब गांव तक भी पहुंचेगा पूर्ण विकास

उत्तराखंड के पहाड़ी गांव में सड़क आज भी नहीं बनी है जिसकी लोगों को काफी जरूरत है। कहीं अस्पताल दूर है तो कहीं स्कूल तो…

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उत्तराखंड के पहाड़ी गांव में सड़क आज भी नहीं बनी है जिसकी लोगों को काफी जरूरत है। कहीं अस्पताल दूर है तो कहीं स्कूल तो कहीं बाजार।

ऐसे में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कर के तहत लिया गया बड़ा फैसला उत्तराखंड के लिए राहत बनकर आया है। केंद्र ने उत्तराखंड समेत 6 राज्यों के लिए 10000 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क परियोजना को मंजूरी दी है।


इन सड़कों के बनने से देशभर में करीब 3,270 ऐसे गांव और बस्तियां जुड़ेंगी, जो अब तक सड़क सुविधा से कटे हुए थे। उत्तराखंड में इसका सीधा फायदा उन दूरस्थ और आपदा-संवेदनशील इलाकों को मिलेगा, जहां आज भी पहुंचना आसान नहीं है।


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी भी हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़क के बिना जाते हैं। कई गांव तो ऐसे हैं जहां सड़क तो हैं लेकिन वह कच्ची है या हर मौसम में चलने लायक नहीं है। कहीं बरसात में रास्ता कट जाता है, तो कहीं भूस्खलन के कारण महीनों संपर्क टूट जाता है। ऐसे में नई सड़कों के साथ-साथ मौजूदा सड़कों को आल वेदर बनाने की भी बड़ी जरूरत है।


पीएमजीएसवाई-4 के अनुसार उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को विशेष प्राथमिकता भी दी गई है। योजना के अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर ढाई सौ से अधिक आबादी वाले गांव को सड़क से जोड़ा गया इससे छोटे और दूर बसे गांव भी योजना में आ गए। इस योजना का लक्ष्य देशभर में 62,500 किलोमीटर लंबी हर मौसम में उपयोग योग्य ग्रामीण सड़कें बनाना है। इसके साथ जरूरी जगहों पर पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।


उत्तराखंड में पुल इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बरसाती नदियां हर साल कई रास्ते तोड़ देती हैं। उत्तराखंड में इस योजना से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार गांव के और करीब आ जाएंगे।


किसानों, बागवानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही ग्रामीण पर्यटन और होम-स्टे जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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