भारत की बदलती अंतरराष्ट्रीय छवि अब दुनिया के बड़े देशों की बहसों में भी साफ दिखाई देने लगी है। वॉशिंगटन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को उस ताकत के रूप में पेश किया, जिसने भारत की भूमिका को वैश्विक मंच पर नए स्तर तक पहुंचा दिया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रिच मैककॉर्मिक का कहना था कि मोदी ऐसा नेतृत्व दे रहे हैं, जिस पर अमेरिका लंबी साझेदारी की उम्मीद के साथ भरोसा करता है।
सीएसआईएस में बोलते हुए मैककॉर्मिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच हमेशा भारत के हितों पर केंद्रित रहती है। उनके मुताबिक, मोदी की प्राथमिकता देश के विकास, तकनीक, उत्पादन और आत्मनिर्भरता को मजबूती देना है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी अपने देश को उसी जिम्मेदारी से संभालते हैं, जैसे कोई नेता अपने समाज की जरूरतों को समझता है। रक्षा से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत के भीतर क्षमता बढ़ाने की पहल को भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
रूसी तेल खरीद पर मतभेद का मुद्दा उठाते हुए मैककॉर्मिक ने माना कि अमेरिका इस फैसले से सहमत नहीं है, लेकिन भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जो जरूरी है वही कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह समझ है कि अमेरिका और भारत कई मामलों में समान विचार रखते हैं और दोनों देशों के बीच तालमेल कितना जरूरी है। उन्होंने मोदी को आधुनिक दौर का सबसे लोकप्रिय नेता तक कहा और गांधी के बाद उनकी लोकप्रियता को अलग स्तर का बताया।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने भारत की बढ़ती वैश्विक स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि मोदी के शासनकाल में भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती गई है। उन्होंने कहा कि भारत अब इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है और कई अमेरिकी प्रशासन इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते आए हैं।
बेरा के अनुसार, भारत की तेज़ अर्थव्यवस्था और बढ़ते राजनीतिक प्रभाव ने दुनिया के समीकरणों को नया रूप देना शुरू कर दिया है।
