उत्तराखंड में उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की वजह से नयनतारा, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के कई स्थानों में वाहन और कई लोग फंस गए।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग और डीसीआर नैनिताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और रामगढ़-मुक्तेश्वर व धनाचुली बैंड क्षेत्रों में फंसे यात्रियों और वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
धनाचुली बैंड क्षेत्र में SDRF टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से सड़क से बर्फ हटाई और लगभग 20-25 वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसी तरह घनसाली पोस्ट की टीम ने मायाली रोड के पास बड़ेयर गांव में बर्फ में फंसे आठ लोगों और उनके वाहन को बचाया और सभी को सुरक्षित घंसाली तक पहुँचाया।
यह लोग किसी शादी समारोह से लौट रहे थे। तभी बर्फ में फंस गए।
इसके अलावा एसडीआरएफ मुख्यालय उजेली, उत्तरकाशी की टीम ने लंबगांव मोटर रोड, चौरंगी क्षेत्र में फंसे लगभग 75 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। सभी प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के संयुक्त और सुव्यवस्थित बचाव कार्य चल रहा है।
अधिकारियों ने कहा है कि लोग सुरक्षित है और किसी प्रकार के जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। देश के कई हिस्सों में इस समय ठंड काफी ज्यादा पड़ रही है और बर्फबारी भी हो रही है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई सड़क बंद हो गई है जिसमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है।
सार्वजनिक कार्य विभाग के बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने का कार्य भी जारी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में, इंजीनियर-इन-चीफ, HPPWD ने सभी चीफ इंजीनियरों, सुपरिटेंडिंग इंजीनियरों और कार्यकारी इंजीनियरों को निर्देश दिए कि बर्फ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों को समयबद्ध तरीके से बहाल किया जाए।
हिमाचल में बर्फ हटाने के लिए कुल 264 मशीनें तैनात की गई हैं, जिनमें 78 विभागीय जेसीबी, 128 किराए की जेसीबी, 18 रोबोट, 10 डोजर और 30 टिपर शामिल हैं।
राज्य में बंद सड़कों में 511 गांव की सड़कें, 20 प्रमुख जिला सड़कें और चार राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। अनुमानित नुकसान लगभग 6.03 करोड़ रुपये बताया गया है।
विभाग ने कहा कि 199 सड़कें 23 जनवरी तक, 104 सड़कें 24 जनवरी तक बहाल की जा सकती हैं, जबकि 232 सड़कों को बहाल करने में अधिक समय लगेगा।
उत्तराखंड और हिमाचल में SDRF और विभागीय टीमों की तत्परता और समन्वित कार्रवाई ने कई लोगों की जान बचाई और भारी बर्फबारी के बावजूद सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की।
