चोरी की आदत से परेशान थे माता-पिता, 12 साल के बच्चे को लोहे की चेन से बांधकर रखते थे, पुलिस और बाल संरक्षण टीम ने छुड़ाया

महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक 12 वर्षीय बच्चे को उसके…

महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक 12 वर्षीय बच्चे को उसके माता-पिता रोजाना लोहे की जंजीर से बांधकर घर की छत पर छोड़कर काम पर चले जाते थे। परिवार के लोगों का कहना था कि बच्चा उनकी बात नहीं सुनता और बार-बार गलत हरकतें करता है, इसी वजह से वे उसे बांधकर रखते थे।

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मामला तब खुला जब चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक व्यक्ति ने गोपनीय सूचना देकर इस बच्चे की स्थिति के बारे में बताया। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पाया कि बच्चा चेन से जकड़ा हुआ है और डर के कारण सहमा खड़ा है। तुरंत उसे छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।


अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। बाल संरक्षण टीम की शिकायत के आधार पर अजनी पुलिस ने बच्चे के माता-पिता पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह पूरा मामला जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत जांच में है।


स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो महीनों से दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता रोज सुबह करीब नौ बजे घर से निकलने से पहले बच्चे को छत पर बांध जाते थे। उसकी पढ़ाई भी बीच में बंद करा दी गई थी। बताया गया कि पहले भी बच्चे के व्यवहार को लेकर पुलिस को दो बार सूचना मिली थी, लेकिन तब माता-पिता ने सुधार करवाने का आश्वासन देकर बात टाल दी थी।


रेस्क्यू के बाद बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें उसके हाथ-पैरों पर गहरे निशान मिले। डॉक्टरों के अनुसार ये चोटें लंबे समय से हो रही शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की ओर इशारा करती हैं। फिलहाल बच्चे को सुरक्षित आश्रय स्थल में रखा गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है।


अजनी पुलिस ने दोनों माता-पिता पर बाल न्याय अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की आदतें सुधारने के नाम पर इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपराध है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद नुकसानदायक होता है। किसी भी तरह का दुर्व्यवहार दिखाई दे तो तुरंत 1098 पर सूचना देना जरूरी है।