देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा की तिथियां नजदीक आते ही उत्तराखंड पर्यटन परिषद ने शुक्रवार से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू किए जाएंगे।
चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑफलाइन पंजीकरण हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और चमोली में बनाए जाने वाले बायोमेट्रिक काउंटरों पर किया जाएगा। श्रद्धालु आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के साथ मौके पर पहुंचकर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण करने के कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। तीर्थ यात्री registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
इसके साथ ही Tourist Care Uttarakhand नाम का मोबाइल एप डाउनलोड करके भी पंजीकरण किया जा सकता है। यात्रियों के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है।
पर्यटन परिषद ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा पर जाने से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के दर्शन करने में परेशानी आ सकती है। रजिस्ट्रेशन के समय सही मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान पर्याप्त ऊनी कपड़े, छाता और रेनकोट अपने साथ जरूर रखें।
पंजीकरण के दौरान यात्रियों को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। यदि कोई तीर्थ यात्री नियमित दवाइयां लेते हैं तो उन्हें दवाओं का पर्याप्त स्टॉक अपने साथ रखना चाहिए।
यात्रियों को यह भी सुझाव दिया गया है कि यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें और रास्ते में पड़ने वाले पड़ावों पर रुककर आगे बढ़ें। पहाड़ों में ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में दिल और सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है
हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी व्यवस्था की गई है। पर्यटन परिषद ने बताया है कि हेलीकॉप्टर टिकट केवल heliyatra.irctc.co.in वेबसाइट से ही बुक किए जाएं। चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का आधिकारिक संचालन आईआरसीटीसी के माध्यम से ही किया जा रहा है। यात्रियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है जो अवैध तरीके से हेलीकॉप्टर टिकट या वीआईपी दर्शन का दावा करते हैं।
इसके अलावा यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। वाहन चालकों को भी गति नियंत्रित रखने और निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रा मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।
चारधाम यात्रा से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए उत्तराखंड पर्यटन परिषद ने 24 घंटे सक्रिय टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। तीर्थ यात्री 0135-3520100 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 0135-2559898 और 0135-2552627 नंबरों पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण के करीब 50 काउंटर स्थापित किए जाएंगे और यात्रा मार्ग पर लगभग 1,800 बसों का संचालन भी किया जाएगा।
