अब सरकारी नौकरियों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर होगा आवेदन, भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा…

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि सरकार सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक ‘सिंगल जॉब एप्लीकेशन पोर्टल’ विकसित कर रही है, जिससे उम्मीदवारों को अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इस पोर्टल से न केवल आवेदन प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि उम्मीदवारों का समय और ऊर्जा भी बचेगी। यह कदम भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मंत्री ने बताया कि इस पोर्टल के विकास पर काम पहले ही शुरू हो चुका है और सरकार इसे जल्द से जल्द लागू करने की योजना बना रही है।

सरकार भर्ती परीक्षाओं को तेजी से संपन्न करने के लिए भी कई सुधार कर रही है। पहले जहां भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में औसतन 15 महीने का समय लगता था, अब इसे घटाकर 8 महीने कर दिया गया है। आने वाले समय में इसे और अधिक कुशल बनाने की योजना है, जिससे उम्मीदवारों को जल्दी से नौकरी मिल सके। इसके साथ ही, भर्ती परीक्षाओं को क्षेत्रीय भाषाओं में कराने की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में परीक्षाएं आयोजित की जाएं, जिससे हर क्षेत्र के उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।

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इसके अलावा, सरकार टेक्नोलॉजी के माध्यम से भर्ती प्रणाली को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के प्रयास कर रही है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने बैठक के दौरान बताया कि सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए मानक दिशानिर्देश विकसित करने पर काम कर रही है ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत सरकारी कर्मचारियों के कौशल विकास और दक्षता बढ़ाने की दिशा में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की। इस मिशन के तहत अब तक 89 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी जुड़े हैं और उन्हें आधुनिक प्रशासनिक कौशल सिखाया जा रहा है।

सरकार सुशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। सीपीजीआरएएमएस 2.0 (CPGRAMS 2.0) नामक AI-सक्षम सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली इसका एक उदाहरण है, जिसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपग्रेड किया गया है। सरकार अन्य विभागों के लिए भी इसी तरह के तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।