पहाड़ की पीड़ा, जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली प्रसूता और एक नवजात की मौत

नैनीताल। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लाक में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गयी है। जानकारी के…

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नैनीताल। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लाक में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गयी है। जानकारी के अनुसार ग्रामसभा चमोली निवासी विमला चिलवाल (26) पत्नी देव सिंह के परिजनों द्वारा सोमवार 108 सेवा को फोन कर बुलाया गया परन्तु 108 के पहुंचने से पहले ही एक बच्चे का जन्म हो चुका था, जबकि दूसरा जुड़वा बच्चा गर्भ में ही था।

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उसके प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस महिला को लेकर करीब 36 किमी दूर स्थित ओखलकांडा सीएचसी के लिए लेकर रवाना हुई, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण महिला ने एंबुलेंस में ही दूसरे बच्चे को जन्म दे दिया।

इसके बाद अस्पताल पहुंचने से पहले महिला व एक नवजात शिशु की मौत हो गई। बताया गया कि विमला अपने पति के साथ गाजियाबाद रहती थी और हाल में ही अपने घर आयी थी और स्वस्थ थी। ओखलकांडा के चिकित्सक एसपी सिंह ने बताया कि प्रसूता व उसके एक बच्चे की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी वहीं दूसरे बच्चे का वजन कम होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।

मामले पर एंबुलेंस चालक का कहना है कि उनके पहुंचने तक महिला ने एक बच्चे को जन्म दे दिया था। उन्हें ग्रामीणों ने करीब आधा घंटा रोक दिया। यदि न रोकते तो शायद महिला की जान बच सकती थी, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 वर्ष के बाद भी क्षेत्र सड़कस्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से दूर है। यदि यह समस्याएं न होती तो विमला जैसी पूर्व में जान गंवा चुकी कई गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को बचाया जा सकता है।