टोक्यो और पेरिस में रचा इतिहास, ललित उपाध्याय ने खत्म किया अपना अंतरराष्ट्रीय हॉकी सफर

भारतीय हॉकी टीम के सीनियर खिलाड़ी ललित उपाध्याय ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास लेने का एलान कर दिया है। ललित ने अपने करियर में भारत…

भारतीय हॉकी टीम के सीनियर खिलाड़ी ललित उपाध्याय ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास लेने का एलान कर दिया है। ललित ने अपने करियर में भारत के लिए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। वो टोक्यो ओलंपिक 2020 और पेरिस ओलंपिक 2024 की उस टीम का हिस्सा रहे जिसने कांस्य पदक जीता था। खास बात ये रही कि टोक्यो में भारत ने करीब चार दशक बाद ओलंपिक में मेडल जीता और उस ऐतिहासिक पल का ललित भी अहम हिस्सा रहे।

ललित ने अपने करियर की शुरुआत साल 2014 में वर्ल्ड कप के जरिये की थी। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक दशक से ज्यादा वक्त तक उन्होंने भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने अपना आखिरी मैच एफआईएच प्रो लीग 2024-25 के यूरोप चरण में बेल्जियम के खिलाफ खेला। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अपने फैसले का ऐलान किया।

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ललित ने अपने बयान में लिखा कि एक छोटे से गांव से शुरू हुआ ये सफर आसान नहीं था। ना संसाधन थे ना ही कोई खास सहूलियत। लेकिन सपने बहुत बड़े थे। करियर के बीच में एक स्टिंग ऑपरेशन का भी सामना करना पड़ा। फिर दो बार ओलंपिक में मेडल जीतने तक का ये सफर कई उतार चढ़ाव से भरा रहा। ललित ने ये भी कहा कि उनके शहर से 26 साल बाद कोई ओलंपियन बना है और ये उनके लिए हमेशा गर्व की बात रहेगी।

इस तरह भारत को दो बार ओलंपिक में मेडल दिलाने वाले ललित उपाध्याय ने एक गौरवशाली करियर के साथ इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कह दिया है।