नौकरी की चाह में हद से आगे! सीईओ को भेजा गया ‘आपका नाम Epstein फाइलों में है’ वाला मेल चर्चा में

नौकरी की खोज में आगे निकलने की कोशिश अब किस दिशा में जा रही है, इसका ताज़ा उदाहरण इन दिनों खूब चर्चा में है। एक…

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नौकरी की खोज में आगे निकलने की कोशिश अब किस दिशा में जा रही है, इसका ताज़ा उदाहरण इन दिनों खूब चर्चा में है। एक युवक ने एक बड़ी तकनीकी कंपनी के प्रमुख को ऐसा पत्र भेज दिया जिसकी विषय पंक्ति देखकर कोई भी सहम जाए। ऊपर लिखा था कि उनका नाम बदनाम हो चुकी सूचियों में दर्ज है।
किसी भी कंपनी में आने वाले आवेदन की संख्या बहुत अधिक होती है। ऐसे में कुछ युवक किसी तरह अपना पत्र खुलवाने की कोशिश में ऐसे तौर तरीके अपना रहे हैं, जो न सिर्फ अचंभे में डालते हैं बल्कि मर्यादा और व्यावसायिक आचरण की सीमा भी पार कर जाते हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या नौकरी पाने के लिए इस तरह दहशत फैलाना उचित है।

यह मामला तब सामने आया जब हर्षदीप रपाल, जो लेजिट एआईI के संचालक हैं, ने एक अजीब पत्र का चित्र साझा किया। यह पत्र एक छात्र की ओर से भेजा गया था। विषय पंक्ति देखकर हर्षदीप घबरा गए, लेकिन पत्र खोलने पर पहली ही पंक्ति में लिखा था कि यह केवल उनका ध्यान खींचने के लिए किया गया मज़ाक था। उसके बाद युवक ने अपना परिचय दिया और अपनी पढ़ाई तथा योग्यता का उल्लेख किया।
यह तरीका हर्षदीप को बेहद खटका। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार किसी भी गंभीर कार्यस्थल में स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि उनकी संस्था संवेदनशील कामों से जुड़ी है जहां भरोसा, ज़िम्मेदारी और गंभीरता सबसे अहम हैं। यदि पहला पत्र ही लापरवाही से भरा हो, तो आगे बातचीत की संभावना नहीं बचती।

इसी प्रकार की एक और घटना योगांशु पाल ने भी साझा की। उन्हें भी वही विषय पंक्ति वाला पत्र मिला, जिसमें अंदर जाकर माफी माँगी गई थी और कहा गया था कि भीड़ में ध्यान आकर्षित करने का यही तरीका समझ में आया।

इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद लोगों में नाराज़गी दिखाई दी। कई लोगों ने कहा कि आज के युवाओं में बिना सोचे-समझे चर्चा में आने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। कुछ ने यह भी लिखा कि भले ही कोई व्यक्ति कितना भी कुशल हो, लेकिन यदि उसकी सोच इस तरह की हो, तो किसी संस्था का उस पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।

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