मध्य पूर्व में करीब पांच सप्ताह से जारी युद्ध अब ऐसी दिशा में मुड़ गया है, जहां आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे खतरे में हैं। ईरान के कराज क्षेत्र में तेहरान को जोड़ने वाले बी1 पुल पर हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों ने पूरे इलाके को दहला दिया। आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा यह पुल हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसका बड़ा हिस्सा ढह गया।
इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें पुल के बीच का हिस्सा गिरते ही चारों ओर धुआं उठता दिखाई देता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए संकेत दिया कि ईरान पर दबाव और कड़ा होने वाला है।
ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि पहले हमले में पुल को भारी नुकसान हुआ और दो लोगों की जान गई। जैसे ही बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, दूसरा हमला कर दिया गया। इस दोहरे हमले में कुल आठ लोगों की मौत हो गई और 95 से ज्यादा लोग घायल बताए गए। पुल अभी आम ट्रैफिक के लिए नहीं खोला गया था, लेकिन उद्घाटन की तैयारियां चल रही थीं। हमले के बाद आसपास का इलाका अचानक अंधेरे में डूब गया क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों के दैनिक कामकाज पर गहरा असर पड़ा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर वीडियो डालते हुए दावा किया कि ईरान का सबसे बड़ा पुल मलबे में बदल चुका है और अब इसका इस्तेमाल संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी लिखा कि यह सिर्फ शुरुआत है, आगे और भी कुछ होने की संभावना है।
कुल मिलाकर करोड़ों डॉलर खर्च कर बनाया जा रहा बी1 पुल तेहरान को कराज और उत्तरी इलाकों से जोड़ने वाला एक अहम प्रोजेक्ट था। यह पुल ईरान के आर्थिक और रणनीतिक ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन हमलों ने पूरे प्रोजेक्ट को गंभीर झटका दे दिया है।
यह हमला अब क्षेत्र में उभरती ‘इंफ्रास्ट्रक्चर वॉरफेयर’ की नई मिसाल बन गया है, जिसमें सैन्य ठिकानों के बजाय पुलों, सड़कों और नागरिक ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने इसे नागरिक सुविधा पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद पिछले डेढ़ साल से फैल रहे तनाव ने अब ईरान को भी गहराई से अपनी चपेट में ले लिया है, और इसमें हिजबुल्लाह तथा हूती गुटों की भूमिका भी सामने आ रही है।
फिलहाल मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं, जबकि ईरान भी स्पष्ट संकेत दे रहा है कि वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। इस बीच आम लोग इस संघर्ष का सबसे भारी बोझ उठा रहे हैं और हर गुजरते दिन के साथ हालात और जटिल होते जा रहे हैं।

