तेहरान/वाशिंगटन/दुबई (7 मार्च 2026):
मध्य पूर्व (West Asia) में जारी महायुद्ध आज अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। युद्ध की विभीषिका के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ (Unconditional Surrender) की शर्त रखकर दुनिया को चौंका दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने इसे सिरे से खारिज करते हुए युद्ध को और तेज करने के संकेत दिए हैं।
ट्रंप का ‘सरेंडर’ अल्टीमेटम और ‘MIGA’ प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ईरान के साथ अब कोई भी समझौता केवल उसकी ‘बिना शर्त हार’ के बाद ही होगा।
ट्रंप ने एक नया नारा दिया- “Make Iran Great Again” (MIGA)। उन्होंने वादा किया कि अगर ईरान सरेंडर करता है और अमेरिका की पसंद का नया नेतृत्व चुनता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान को आर्थिक रूप से दुनिया का सबसे मजबूत देश बना देंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान नहीं झुका, तो उसे “निश्चित मृत्यु” (Guaranteed Death) का सामना करना पड़ेगा।
ईरानी राष्ट्रपति का पलटवार: आत्मसमर्पण कभी नहीं
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक टेलीविजन संबोधन में ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा, “अमेरिका हमारे आत्मसमर्पण का सपना अपनी कब्र तक लेकर जाएगा।
ईरान ने मांगी पड़ोसियों से माफी:
एक चौंकाने वाले कदम में, पेजेशकियन ने सऊदी अरब, यूएई और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों पर हुए मिसाइल हमलों के लिए माफी मांगी। उन्होंने इसे ‘मिस्कम्युनिकेशन’ बताया और कहा कि ईरान तब तक इन देशों को निशाना नहीं बनाएगा जब तक उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाता।
ये है मैदान-ए-जंग के ताजा हालात:
तेहरान एयरपोर्ट पर भीषण आग: इजरायल के 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने आज सुबह तेहरान के मुख्य हवाई अड्डे पर बमबारी की, जिससे वहां भीषण आग लग गई। वहीं पूर्वी लेबनान के नबी चित (Nabi Chit) शहर में इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं।
सऊदी अरब का एयर डिफेंस:
सऊदी अरब ने रियाद के पास प्रिंस सुल्तान एयरबेस की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया। साथ ही, शायबाह तेल क्षेत्र (Shaybah oilfield) पर हुए 6 ड्रोन हमलों को भी नाकाम कर दिया।
दुबई में दहशत: दुबई और मनामा जैसे शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कुछ समय के लिए दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानों को रोका गया।
मौतों का भयावह आंकड़ा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 8 दिनों में ईरान में 1,230 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लेबनान में यह संख्या 217 को पार कर गई है। युद्ध में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है।
रूस और भारत की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ईरान को खुफिया जानकारी और सैटेलाइट डेटा मुहैया करा रहा है ताकि वह अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बना सके। भारत ने मानवीय आधार पर कुछ ईरानी जहाजों को कोच्चि तट पर शरण दी है और दोनों पक्षों से शांति की अपील की है। युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
क्या ट्रंप की ‘सख्त नीति’ ईरान के सत्ता परिवर्तन का कारण बनेगी या यह युद्ध एक विनाशकारी ‘क्षेत्रीय युद्ध’ का रूप ले लेगा? यह आने वाले कुछ दिन तय करेंगे।
