ईरान की अमेरिका को दो टूक-सीजफायर और इजरायल के जरिए जंग एक साथ नहीं चल सकते

ईरान और अमेरिका के बीच लागू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के विदेश…

Abbas Araghchi

ईरान और अमेरिका के बीच लागू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए दो टूक कहा है कि अमेरिका को अब शांति या इजरायल के जरिए युद्ध में से किसी एक को चुनना होगा क्योंकि ये दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं।

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शांति और युद्ध एक साथ संभव नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल साफ हैं। अराघची ने लेबनान की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया वहां हो रही हिंसा और लोगों की मौत को देख रही है जो एक गंभीर मानवीय संकट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब फैसला पूरी तरह अमेरिका के हाथ में है और दुनिया देख रही है कि अमेरिका अपने वादों पर कितना कायम रहता है।


लेबनान पर इजरायल के भीषण हमले
ईरानी विदेश मंत्री का यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू है वहीं दूसरी ओर इजरायल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई भीषण हमले किए हैं। घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इन इजरायली हमलों में 254 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है और 1165 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


ट्रंप का साफ इनकार लेबनान समझौते का हिस्सा नहीं
दूसरी तरफ लेबनान के साथ युद्धविराम के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ है उसमें लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग इस मामले में गलत जानकारी और फर्जी दावे फैला रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक असली बातचीत बंद कमरों में हो रही है और वही इस शांति समझौते का मुख्य आधार है।

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