उत्तराखंड परिषदीय परीक्षा के दौरान हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कक्षा में केवल हाई स्कूल और इंटर के शिक्षा की ही तैनात किए जाएंगे। केंद्र व्यवस्थापक स्वयं मुख्य शिक्षा अधिकारी से व्यक्तिगत संपर्क कर किसी भी कठिनाई का समाधान करेंगे।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि वर्ष 2026 की हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परिषदीय परीक्षा तथा परीक्षा फल सुधार परीक्षा 2025 को सुचारू और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए कक्ष निरीक्षकों और सचल दलों की समय से तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
सभी तैनात कार्मिकों को समय रहते सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
निर्देशों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में केवल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के अध्यापकों को ही कक्ष निरीक्षक बनाया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही स्थानीय राजकीय उच्च प्राथमिक अथवा प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की तैनाती की जा सकेगी।
हालांकि, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को केवल कक्ष निरीक्षक के रूप में ही लगाया जाएगा और उन्हें सचल दल या बंडल वाहक जैसे कार्यों में नहीं लगाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया गया है कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों, पीटीए शिक्षकों तथा गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी निकटवर्ती परीक्षा केंद्रों में ही लगाई जाएगी, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।
‘सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने एवं समय पर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।’ – डा. मुकुल कुमार सती, निदेशक माध्यमिक
