ऊधम सिंह नगर में रोडवेज बस पर हुए हमले ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन पुलिस की तेजी ने हालात बदल दिए। गदरपुर थाना क्षेत्र में ओवरटेकिंग के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब कुछ युवकों ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बस का पीछा करके उस पर पथराव और तोड़फोड़ कर दी। बस चालक के साथ मारपीट की गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और उसी समय मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर महज़ 24 घंटे के अंदर चार आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि सभी युवक शराब के नशे में थे और ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद के बाद गुस्से में उन्होंने पहले बस को रोका और चालक से बदसलूकी की। इसके बाद वे बस का पीछा करते हुए दो अलग-अलग जगहों पर लाठी-डंडों से तोड़फोड़ करते रहे। पुलिस ने घटना में उपयोग की गई दो बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली हैं।
मामले में आरोपियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि पीडीपीपी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी और नुकसान की भरपाई भी आरोपियों से कराई जाएगी। राहत की बात यह रही कि हमले के दौरान बस में बैठे सभी यात्री सुरक्षित लौटे, हालांकि घटना ने लोगों में दहशत जरूर पैदा कर दी।
एसएसपी अजय गणपति ने दो टूक कहा कि जनपद में अराजकता और हुड़दंग के लिए कोई जगह नहीं है। “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करते हुए हर अपराध पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब मामले में शामिल बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।

