अल्मोड़ा में बीमार महिला को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा, टूटी सड़क पर फंसे ग्रामीणों का गुस्सा उबाल पर

अल्मोड़ा के सल्ट इलाके में सड़क की हालत एक बार फिर लोगों की रोजमर्रा की मुश्किलों का कारण बन गई है। थाकुली–मैदारी मार्ग पिछले तीन…

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अल्मोड़ा के सल्ट इलाके में सड़क की हालत एक बार फिर लोगों की रोजमर्रा की मुश्किलों का कारण बन गई है। थाकुली–मैदारी मार्ग पिछले तीन साल से टूटा पड़ा है, और इस खराब रास्ते का सीधा असर गांव में रहने वाले लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। हालात अब इतने बिगड़ चुके हैं कि किसी बीमार को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन गया है।

शुक्रवार की सुबह थाकुली गांव की एक महिला अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई, परिवार ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन गांव तक जाने वाला रास्ता इतना खराब है कि कोई भी वाहन अंदर नहीं पहुंच सका। मजबूर होकर ग्रामीणों ने डोली तैयार की, फिर महिला को डोली पर बैठाकर कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य रास्ते तक लाया गया, वहां पहुंचने के बाद ही उसे वाहन से अस्पताल ले जाया जा सका।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क विधायक निधि से बनाई गई थी, लेकिन उसके बाद न इसकी देखरेख हुई और न ही सफाई। बरसात के बाद स्थिति और खराब हो गई है, कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं, रास्ते में मलबा और पत्थर जमा हैं, और पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों का कहना है कि विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या बताई गई, लेकिन कोई सुधारात्मक कदम आज तक नहीं उठाया गया।

गांव वालों ने साफ कहा है कि अगर सड़क तुरंत ठीक नहीं हुई तो किसी आपात हालात में बड़ा हादसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विभाग से रास्ता जल्द दुरुस्त करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि अगर काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

सल्ट के विधायक महेश जीना का कहना है कि यह सड़क विधायक निधि से बनी थी, पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात में कई सड़कें खराब हो जाती हैं, और इस मार्ग का सर्वे लोक निर्माण विभाग कर चुका है, जल्द इसकी मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।