नया पासपोर्ट बनाना है या रिन्यू करना है तो अब आपको नहीं करना होगा 90 दिनों का इंतजार, जानिए क्यों

नया पासपोर्ट बनाने और पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अब आगरा वासियों को 90 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रधान डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर…

नया पासपोर्ट बनाने और पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अब आगरा वासियों को 90 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रधान डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर अब एक दिन में 40 नहीं 80 आवेदकों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट प्रदान की जा रही है।


यानि कि आवेदक आज ऑनलाइन आवेदन करेंगे तो उन्‍हें प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए 22 जनवरी की अपॉइंटमेंट मिल जाएगी। सिर्फ 15 दिन बाद आवेदक के प्रमाण पत्र पासपोर्ट केंद्र में सत्यापित होंगे।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272


बता दें कि फरवरी-18 बिजलीघर स्थित प्रधान डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) की शुरुआत हुई थी। आवेदकों की सहूलियत के लिए अछनेरा में दूसरा पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित किया। मगर, वेटिंग का ग्राफ नीचे नहीं गिरा।

दोनों केंद्रों पर 40-40 आवेदकों को प्रतिदिन प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा था। इसके बाद भी आगरा केंद्र पर 90 दिनों की वेटिंग थी। अछनेरा में 40 दिनों के बाद लोगों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट मिल रही थी।


आलम यह है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद के 11 पीओपीएसके में से आगरा सर्वाधिक आवेदन वाला केंद्र बनकर उभर गया। इसको ध्यान में रखते हुए अब आगरा में प्रतिदिन मिलने वाले स्लॉट की संख्या में इजाफा किया गया है।


120 आवेदकों को सहूलियत आगरा में फिलहाल एक दिन में 120 पासपोर्ट आवेदकों को एक दिन में सहूलियत मिल रही है। 80 पासपोर्ट आवेदक आगरा केंद्र पर लाभ पा रहे हैं तो 40 आवेदक अछनेरा केंद्र से लाभान्वित हो रहे हैं।

अछनेरा में आवेदकों को 11 फरवरी की अपॉइंटमेंट मिल रही है। पूर्व में अपॉइंटमेंट लेने वाले आवेदक अपॉइंटमेंट री-शेड्यूल करके इन स्लॉट को बुक करा सकते हैं।


नया पासपोर्ट या नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए कार्यालय बुलाया जाता है। प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद उन्हें स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होती है।

पुलिस की रिपोर्ट लगने के बाद गाजियाबाद से पासपोर्ट प्रिंट होकर डाक के माध्यम से आवेदक के घर पहुंचता है। पहले इस काम के लिए आवेदकों को गाजियाबाद जाना पड़ता था।