उत्तराखंड में बीते दिवस पहाड़ी क्षेत्रों में में मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि एक झटके में सड़कों पर जमी बर्फ लोगों की मुसीबत बन गई। 23 जनवरी की रात जनपद नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के ऊँचाई वाले इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के बाद सैकड़ों यात्री और वाहन अलग-अलग जगहों पर फंस गए। हालत ये थी चारों तरफ बर्फ ही बर्फ थी, लोगों को न आगे जाने का रास्ता दिख रहा था और न पीछे लौटने का सहारा था।
ऐसे मुश्किल हालात में फंसे लोगों के लिए SDRF की टीमें देवदूत बनकर सामने आईं। सूचना मिलते ही SDRF की अलग-अलग टीमों ने बिना देर किए मोर्चा संभाला और रात के अंधेरे व कड़ाके की ठंड में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
विगत दिवस यानि 23 जनवरी की रात्रि जनपद नैनीताल, उत्तरकाशी एवं टिहरी गढ़वाल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी कई लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। भारी बर्फबारी के बाद अलग—अलग जगहों में वाहन एवं यात्री फंस गए।
डीसीआर नैनीताल एवं जिला आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त सूचनाओं के बाद SDRF की टीमों ने रामगढ़–मुक्तेश्वर और धानाचुली बैंड क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए बर्फ में फंसे वाहनों व यात्रियों को सुरक्षित निकाला।धानाचुली बैंड क्षेत्र में JCB मशीन की सहायता से मार्ग से बर्फ हटाकर लगभग 20–25 वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।
SDRF पोस्ट घनसाली की टीम ने मयाली रोड, बडियार गांव के पास बर्फ में फंसे 08 व्यक्तियों को वाहन सहित सुरक्षित रेस्क्यू कर घनसाली पहुँचाया। ये लोग व्यक्ति विवाह समारोह से लौट रहे थे कि भारी बर्फबारी के बीच में फंस गए।
SDRF मुख्यालय उजेली, उत्तरकाशी की टीम ने लम्बगांव मोटर मार्ग, चौरंगी क्षेत्र में बर्फ में फंसे लगभग 75 लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
SDRF की टीम ने सभी स्थानों पर समन्वित एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्य कर सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
