इजरायल–ईरान युद्ध को 20 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान होर्मूज स्ट्रेट से क्रूड और गैस के मात्र 9 जहाज ही गुजरे हैं। ऐसे में दुनिया के साथ-साथ भारत में भी एलपीजी गैस की कमी बनी हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि एलपीजी की स्थिति अभी भी गंभीर है और सरकार आपूर्ति सामान्य करने की पूरी कोशिश कर रही है।
घरेलू सप्लाई जारी, पैनिक बुकिंग से बचें
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक 100 प्रतिशत एलपीजी पहुंचाई जा रही है। हालांकि हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। पैनिक बुकिंग में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के हिसाब से ही गैस बुक करें। सरकार ने आम लोगों से अनुरोध किया है कि वे वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों पर भी विचार करें और घबराहट में खरीदारी से बचें।
कालाबाजारी पर सख्ती एलपीजी संकट के बीच सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई राज्यों में 4500 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की गई है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी की सप्लाई सही तरीके से आम लोगों तक पहुंचे।
घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया है। फिलहाल घरेलू उत्पादन करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जिससे आयात पर निर्भरता को कुछ कम करने की कोशिश की जा रही है।
गल्फ में भारतीय सुरक्षित, कूटनीतिक प्रयास तेज इस बीच शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारत के 22 जहाज और नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन वे फिलहाल वहीं स्थिर हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ओमान, कतर समेत कई खाड़ी देशों और इमैनुएल मैक्रों जैसे वैश्विक नेताओं से बातचीत की है और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
भारतीयों की मौत से चिंता अतिरिक्त सचिव असीम महाजन के मुताबिक, रियाद में 18 मार्च को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। अब तक इस संघर्ष में 6 भारतीयों की जान जा चुकी है।

