सरोवर नगरी में 31st दिसंबर पर पर्यटको के कम आने के बाद होटल और रेस्टोरेंट सहित अन्य कारोबार पर काफी बुरा असर देखने को मिल रहा है। कारोबारी ने कहा है कि पर्यटक वाहनों को डाइवर्ट करने के बहाने रोकने एंट्री प्वाइंटों पर पुलिस की सख्ती से शहर के पर्यटन कारोबार पर असर देखने को मिला है।
व्यवस्था बनाने के चक्कर में बेवजह सख्ती बढ़ती जा रही है जिससे पर्यटक भाग रहे हैं। शहर के खुर्पाताल, नयना देवी बर्ड रिजर्व, ज्योलीकोट, गेठिया, बल्दियाखान, जोखिया, मंगोली तक होटलों में 50 से 70 प्रतिशत तक ही बुकिंग हो पाई।
शहर के अधिकांश आबादी के आजीविका का मुख्य स्रोत पर्यटन है। शहर सहित आसपास के क्षेत्र में छोटे बड़े 1000 होटल गेस्ट हाउस और होमस्टे हैं। 700 से अधिक टैक्सियां है, 500 के करीब परिवारों की आजीविका पूरी तरह झील के नौकायन पर ही आधारित है।
दो दर्जन से अधिक आउटडोर फोटोग्राफर है 100 के करीब पंजीकृत तथा इससे अधिक अपंजीकृत पर्यटन गाइड हैं।
स्नोव्यू, हिमालय दर्शन, बारापत्थर, केव गार्डन में सौ से अधिक छिटपुर व्यवसाय भी पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर हैं। इसके अलावा बारापत्थर से खुर्पाताल सड़क किनारे, सरिताताल, मंगोली, ज्योलीकोट से डोलमार, रूसी बाइपास, बेलुवाखान सहित अन्य स्थानों पर मैगी प्वाइंट सहित छोटे रेस्टोरेंट आदि भी आम तौर पर पर्यटकों पर ही निर्भर हैं लेकिन इस बार शहर में पर्यटकों की कमी से छोटे व मध्यम दर्जे के साथ ही उच्च स्तरीय सुविधा युक्त होटलों में भी 30-40 प्रतिशत कमरे खाली रहे। रेस्टोरेंट में भी इस बार कारोबार काफी कम हुआ है
मां नैना देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष का कहना है कि पर्यटक के नैनीताल के प्रति छवि पहले से ही पार्किंग इत्यादि को लेकर काफी खराब हो चुकी है। पिछले 10 सालों में पार्किंग का समस्या का समाधान नहीं हो पाया शहर का पर्यटन पुलिस के नकारात्मक व्यवस्था की बलि चढ़ गया है। शहर में पार्किंग की समस्या और पार्किंग शुल्क ₹500 होने से पर्यटक काफी दुखी हैं शहर के 70% से अधिक होटलों के पास पार्किंग सुविधा नहीं है।
डीएसए, मेट्रोपोल, सूखाताल, हल्द्वानी रोड, बीडी पांडे के समीप, भवाली रोड में कैलाखान में पार्किंग है। पुलिस के अनुसार शहर में होटलों की निजी सहित अन्य सार्वजनिक पार्किंग की क्षमता करीब पांच हजार है लेकिन इस बार तो पार्किंग स्थल भी आधे तक खाली रहे।
दिग्विजय बिष्ट, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन ने कहा 31st दिसंबर पर पुलिस की ओर से डायवर्सन प्लान को लेकर सख्ती की वजह से पर्यटकों का आना जाना कम हो गया। इंटरनेट मीडिया पर नैनीताल को लेकर नकारात्मक रील का प्रचार भी हुआ।
पुलिस की ओर से एंट्री पॉइंट पर सख्ती की शिकायत पर्यटकों ने भी की है। पुलिस की ओर से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के कदमों का स्वागत है लेकिन पर्यटकों के साथ सख्ती निश्चित तौर पर कारोबार पर बुरा असर डाल रही है।
डा. जगदीश चंद्रा, एसपी, नैनीताल का कहना है एंट्री प्वाइंटों पर किसी पर्यटक को नहीं रोका, न ही वापस भेजा। सख्ती भी नहीं की गई। नैनीताल के साथ ही रामनगर, मुक्तेश्वर क्षेत्र में भी डायवर्जन प्लान लागू किया गया था।
बिना बुकिंग वाले पर्यटकों के वाहन भी पार्किंग उपलब्ध नहीं होने पर ही रोके गए और उनको शटल से भेजा गया। संभावना है कि होटलों में लुभावने पैकेज नहीं होने या अन्य कारणों से पर्यटक कम आए हों, पुलिस ने सिर्फ व्यवस्था बनाई।
