उत्‍तराखंड की धामी सरकार बनाएगी नियमावली, नौकरी से नहीं निकाले जाएंगे अब उपनल कर्मी

प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात उपनल कर्मी अब नहीं निकल जाएंगे। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मियों के नियमितीकरण…

प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात उपनल कर्मी अब नहीं निकल जाएंगे। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मियों के नियमितीकरण से संबंध में हुई औपचारिक चर्चा के दौरान कैबिनेट ने इस बात का निर्णय लिया। इस दौरान यह भी कहा गया कि उपनल कर्मियों को नियमित करने के लिए नियमावली भी बनाई जा रही है।


नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करने के बाद इस कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। हाई कोर्ट के निर्णय के क्रम में प्रदेश सरकार को उपनल कर्मियों को नियमित करना है मुख्यमंत्री इसकी घोषणा कर चुके हैं।

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उपनल कर्मियों को नियमित करना आसान नहीं है। अधिकांश विभागों में उपनाम करने के तैनाती नियमित पदों के सापेक्ष की गई है। ऐसे में यदि इन्हें नियमित करना है तो इसमें सीधी भर्ती के पदों पर आरक्षण के नियम लागू करने होंगे। इसके साथ ही कई पर ऐसे भी हैं जिनमें भारती की व्यवस्था लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। इन पदों को भरने के लिए भी नियमों में बदलाव करना पड़ेगा।


यही कारण भी रहा कि सरकार ने उपनल कर्मियों के नियमितीकरण को नियमावली बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।


इस समिति में प्रमुख सचिव न्याय प्रशांत जोशी, सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र कुमार चौधरी, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी व उपनल के प्रबंध निदेशक को शामिल किया गया है। यह समिति सभी विधिक बिंदुओं का विस्तृत अध्ययन करने के बाद नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसे स्वीकृति के लिए कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।


कैबिनेट की बैठक में भी उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में औपचारिक चर्चा की गई। इसमें यह कहा गया कि जब सरकार उपनल कर्मियों को नियमित करने की दिशा में कदम उठा ही रही है तो फिर विभिन्न विभागों में तैनात उपनल कर्मियों को न हटाया जाए।