अहमदाबाद के एक निजी स्कूल में हाल ही में एक गंभीर घटना सामने आई, जब कक्षा 6 के एक छात्र की पानी की बोतल में नेफ़थलीन की गोलियां मिलाई गईं। सौभाग्य से, छात्र ने पानी पीने से पहले ही उसमें से उठती तेज़ गंध महसूस कर ली, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
घटना लंच ब्रेक के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, जब पीड़ित छात्र अपनी सीट पर नहीं था, तब एक अन्य छात्र ने उसकी बोतल में कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल होने वाली नेफ़थलीन की गोलियां डाल दीं। वापस लौटने पर छात्र ने पानी का रंग और गंध असामान्य देख कर तुरंत अपनी क्लास टीचर को सूचित किया।
टीचरों ने बोतल की जांच की तो उसमें घुली हुई नेफ़थलीन गोलियां पाई गईं। स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्चे के माता-पिता को जानकारी दी और उसे सावधानी के तौर पर मेडिकल जांच के लिए भेजा। बच्चे की सेहत फिलहाल सामान्य है।
स्कूल ने इसे अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना और घटना की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की। समिति यह पता लगाएगी कि गोलियां छात्र के पास कैसे आईं और घटना के पीछे क्या मकसद था। जांच पूरी होने तक आरोपी छात्र को निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा, स्कूल ने बच्चों के लिए काउंसिलिंग सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि वे ऐसे खतरनाक मजाकों के परिणामों को समझ सकें।
इस घटना ने स्कूलों में सुरक्षा और बच्चों के व्यवहार पर नई बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का खेल या मजाक कभी-कभी खतरनाक रूप ले सकता है। नेफ़थलीन जैसी रसायनयुक्त गोलियां स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं और इनका सेवन गंभीर परिणाम दे सकता है।
घर में नेफ़थलीन गोलियां आम तौर पर कपड़े कीड़े से बचाने के लिए रखी जाती हैं। बच्चों के हाथ लगने पर ये घातक साबित हो सकती हैं। इसलिए माता-पिता और स्कूल प्रशासन दोनों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
