3 साल की मासूम बच्ची ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया। आनन फानन में उसके परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां सीनियर रेजीडेंट डॉ रोहित नेगी ने ईसोफैगोस्कोपी प्रक्रियासे सिक्के को बाहर निकाला। बच्ची का स्वास्थ्य अभी ठीक है और उसे निगरानी के लिए पोस्ट आपरेटिव वार्ड में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार 14 जनवरी की शाम सोमेश्वर निवासी मोहन राम की 3 वर्षीय पुत्री संध्या ने गलती से सिक्का निगल दिया। जिसके बाद बच्ची को सांस लेने और निगलने में परेशानी होने लगी। परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सोमेश्वर लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर बच्ची के गले का दोबारा एक्स-रे किया गया। जांच में पता चला कि सिक्का बच्ची के गले के अंदर क्रिकोफैरिनक्स के पास फंसा हुआ है। ये स्थिति छोटे बच्चों के लिए बेहद जोखिम भरी स्थिति मानी जाती है।
हालात की नाजुकता को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी ओटी को अलर्ट किया गया। बच्ची का प्री-एनेस्थेटिक चेक-अप (PAC) पूरा करने के बाद उसे ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया। बच्ची को बेहोश कर नली डाली गई और ईसोफैगोस्कोपी प्रक्रिया के जरिए गले में फंसे सिक्के को पूरी सावधानी के साथ बाहर निकाल लिया गया।
ट्यूब हटाने के बाद बच्ची की हालत संतोषजनक पाए जाने के बाद उसे पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। यह सफल प्रक्रिया ईएनटी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रोहित नेगी ने की। समय पर इलाज और मेडिकल टीम की सतर्कता से एक मासूम की जान बचाई जा सकी।
डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को सिक्के, बैटरी या कोई भी छोटी वस्तु खेलने के लिए न दें,लापरवाही से बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है।
